नई दिल्ली: डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। दवाओं के साथ संतुलित खानपान भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या सुबह खाली पेट भीगे बादाम खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इस विषय पर कंसल्टेंट डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने विस्तार से जानकारी दी है।
उनके अनुसार, प्री-डायबिटीज या टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में रोजाना भीगे या कच्चे बादाम खाने से, चाहे उन्हें खाली पेट ही क्यों न खाया जाए, फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। हालांकि, यदि बादाम को कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के साथ या उससे पहले खाया जाए तो भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।
नाश्ते में बादाम खाने से मिल सकता है ‘सेकंड मील इफेक्ट’
डाइटिशियन कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि नाश्ते में बादाम शामिल करने से ‘सेकंड मील इफेक्ट’ देखने को मिल सकता है। इसका मतलब है कि अगले भोजन के बाद ब्लड शुगर का स्तर अपेक्षाकृत नियंत्रित रह सकता है। साथ ही लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास भी बना रहता है। हालांकि, लंबे समय से डायबिटीज से जूझ रहे लोगों में इसका असर सीमित हो सकता है।
बादाम के पोषक तत्व कैसे पहुंचाते हैं फायदा?
बादाम में हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ई और कई आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं। मैग्नीशियम इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। वहीं फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण की गति को धीमा करता है, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। इसके अलावा बादाम में मौजूद हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट लंबे समय तक पेट भरा रखने के साथ दिल की सेहत को भी बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में भी मददगार
एक्सपर्ट के मुताबिक बादाम में मौजूद मैग्नीशियम शरीर की कोशिकाओं को ग्लूकोज का बेहतर उपयोग करने में मदद करता है। इसकी कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज की समस्या को बढ़ा सकती है। वहीं फाइबर और मोनोअनसैचुरेटेड फैट इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने के साथ ब्लड शुगर नियंत्रण में भी योगदान देते हैं।
डायबिटीज मरीज रोज कितने बादाम खाएं?
विशेषज्ञों के अनुसार, बादाम में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। रोजाना लगभग 30 से 40 ग्राम यानी 5 से 10 भीगे बादाम खाना पर्याप्त माना जाता है। इससे अधिक मात्रा में सेवन करने पर कुल कैलोरी बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा भी रहता है।
सिर्फ बादाम से कंट्रोल नहीं होगी डायबिटीज
कनिका मल्होत्रा का कहना है कि बादाम को संतुलित आहार का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन केवल बादाम खाकर डायबिटीज को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद और डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन जरूरी है। जिन लोगों को नट्स से एलर्जी है, उन्हें बादाम खाने से बचना चाहिए।