Iran First Reaction on US Strike: मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की पहली और बेहद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस कायराना हरकत के लिए वाशिंगटन को ‘पछताना’ पड़ेगा। ईरान का यह बयान तब आया है जब महज कुछ घंटे पहले अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को बमबारी कर नेस्तनाबूद कर दिया था।
तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही सीजफायर (युद्धविराम) वार्ता इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
‘असफल अमेरिकी राष्ट्रपति को वार्ता की परवाह नहीं’ – ईरान
ईरान के कद्दावर सांसद इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा और तीखा हमला बोला है। अजीजी ने कहा:
“अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत की मेज पर धोखा दिया है। एक असफल अमेरिकी राष्ट्रपति ने साबित कर दिया है कि उसे न तो बातचीत के सिद्धांतों की परवाह है और न ही वह सीजफायर के प्रति गंभीर है।”
ईरानी सांसद ने आगे चेतावनी देते हुए लिखा, “युद्धविराम का यह लापरवाह उल्लंघन हमेशा की तरह अंत में अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछताने की वजह बनेगा। अब अमेरिका का ब्लेम गेम नहीं चलेगा।” ईरान के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में खाड़ी देशों में तनाव और ज्यादा हिंसक रूप ले सकता है।
सिंगापुर के जहाज ‘एम/वी एवर लवली’ पर हमले से भड़का था अमेरिका
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 25 जून को ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) पर एक आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया।
अमेरिका का दावा है कि यह ड्रोन ईरान की धरती से दागा गया था। CENTCOM ने इस हमले को पूरी तरह से अनुचित और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताया था, जिसके जवाब में 26 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन’ शुरू कर दिया।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई में क्या-क्या हुआ तबाह?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 26 जून को की गई जवाबी एयरस्ट्राइक में ईरान के कई अहम सैन्य तंत्र को निशाना बनाया गया:
- ड्रोन और मिसाइल स्टोरेज: ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल और घातक ड्रोन के भंडारण केंद्रों (Storage Hubs) को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
- तटीय रडार ठिकाने: समुद्र में जहाजों की रेकी करने वाले ईरान के कई कोस्टल रडार ठिकानों को एयरस्ट्राइक में तबाह कर दिया गया।
खतरे में शांति समझौता: अब आगे क्या?
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह आक्रामक बयान इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच चल रही 60 दिनों की अंतरिम शांति वार्ता अब पूरी तरह टूट चुकी है। ईरान इस हमले का इस्तेमाल वैश्विक मंच पर खुद को ‘विक्टिम’ (पीड़ित) दिखाने और होर्मुज स्ट्रेट में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए कर सकता है। अगर ईरान ने जवाबी पलटवार किया, तो पूरी दुनिया के लिए तेल संकट खड़ा होना तय है।