तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में तनाव ने एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने सीधे तौर पर युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में मौजूद 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही, दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग—स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
ईरान का ‘जहन्नुम’ वाला अल्टीमेटम
IRGC की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माजिद मौसवी ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, मौसवी ने कहा, “यदि अमेरिका होर्मुज को असुरक्षित बनाएगा, तो हम पूरे क्षेत्र को उनके लिए जहन्नुम बना देंगे।” यह बयान स्पष्ट करता है कि ईरान अब पीछे हटने के मूड में नहीं है।
हमले का पूरा गणित: 18 ठिकानों पर कहर
ईरान की जवाबी कार्रवाई के निशाने पर प्रमुख अमेरिकी एयर बेस रहे हैं:
- कुवैत: अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस।
- बहरीन: शेख ईसा एयर बेस।
- दावा: ईरान का कहना है कि उसने कुल 18 अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को हिट किया है।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा, जहाजों को चेतावनी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की तेल धमनियों में से एक है। इसके बंद होने का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस समुद्री क्षेत्र में घुसने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आईआरजीसी ने पहले ही इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है।
क्यों शुरू हुआ यह ‘खेला’?
यह पूरी घटना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान के अंदर किए गए हवाई हमलों का नतीजा है। अमेरिका इन हमलों को “आत्मरक्षा” बता रहा है, जबकि ईरानी मीडिया का दावा है कि तेहरान के पश्चिमी इलाकों और दक्षिणी हिस्सों में धमाकों के बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो गया है।