Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ईरान-अमेरिका संघर्ष: ‘सभ्यता’ मिटाने निकले ट्रंप को मिला कूटनीतिक सबक, NATO में दरार और तेल संकट ने बदला वैश्विक समीकरण
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ईरान-अमेरिका संघर्ष: ‘सभ्यता’ मिटाने निकले ट्रंप को मिला कूटनीतिक सबक, NATO में दरार और तेल संकट ने बदला वैश्विक समीकरण
Trending Newsवर्ल्ड

ईरान-अमेरिका संघर्ष: ‘सभ्यता’ मिटाने निकले ट्रंप को मिला कूटनीतिक सबक, NATO में दरार और तेल संकट ने बदला वैश्विक समीकरण

news desk
Last updated: April 9, 2026 9:42 am
news desk
Share
SHARE

वॉशिंगटन/तेहरान। किसी भी चीज़ की ‘अति’ अंततः विनाशकारी होती है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ इसी ‘अति’ की सीमा को लांघा, जिसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है।

Contents
इजरायली दबाव और ‘रिजीम चेंज’ का दांवNATO सहयोगियों की ‘नो-एंट्री’युद्ध की भारी कीमत और पाकिस्तान का ‘हश्र’‘सीजफायर’ और सभ्यता का गौरव

जिस तेहरान को मिटाने की धमकी दी गई थी, वही आज अमेरिका की कूटनीतिक हार का केंद्र बन गया है। ईरान की घेराबंदी करने और उसे घुटनों पर लाने का अति-उत्साह अब अमेरिका पर ही भारी पड़ रहा है। आलम यह है कि न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि NATO जैसे पुराने दोस्तों ने भी इस ‘अति’ को भांपते हुए अमेरिका से किनारा कर लिया है।

इजरायली दबाव और ‘रिजीम चेंज’ का दांव

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस आक्रामक रुख के पीछे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की रणनीति थी। इजरायल को अंदेशा था कि ईरान जल्द ही परमाणु हथियार हासिल कर लेगा। ‘लोकतंत्र की बहाली’ और ‘रिजीम चेंज’ के पुराने अमेरिकी फॉर्मूले को एक बार फिर आजमाया गया, लेकिन इस बार ईरान की 30-स्तरीय सैन्य प्रणाली (IRGC) ने अमेरिका की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

  • ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रहार
  • ईरान ने युद्ध के पारंपरिक तरीकों के बजाय दुनिया की नस ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर हाथ रख दिया। इसके परिणामस्वरूप:
  • तेल की कीमतें: कच्चे तेल के दाम $140 प्रति बैरल के पार पहुंच गए।
  • महंगाई की मार: दवाइयों से लेकर प्लास्टिक उत्पादों तक, पूरी दुनिया में सप्लाई चेन बाधित हुई।
  • आर्थिक नुकसान: खाड़ी देशों (कतर, सऊदी अरब, यूएई) को अपनी जीडीपी का करीब 5% से 8% हिस्सा गंवाना पड़ा है। अकेले कतर के रास लफान सिटी में हुए नुकसान की भरपाई में पांच साल लग सकते हैं।

NATO सहयोगियों की ‘नो-एंट्री’

ट्रंप के लिए सबसे बड़ा झटका यूरोप से आया। स्पेन के पेड्रो सांचेज के नेतृत्व में ब्रिटेन, इटली और फ्रांस (मैक्रों) ने साफ कह दिया कि यह युद्ध अमेरिका का व्यक्तिगत फैसला था। जब ट्रंप ने होर्मुज खुलवाने के लिए नाटो को याद किया, तो सहयोगियों ने मदद से इनकार कर दिया। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका के ‘अकेले पड़ने’ की शुरुआत मानी जा रही है।

युद्ध की भारी कीमत और पाकिस्तान का ‘हश्र’

पेंटागन ने इस अभियान के लिए $200 अरब का अतिरिक्त बजट मांगा है। यह राशि कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह पाकिस्तान जैसे कर्ज में डूबे देश की कुल जीडीपी के 12-15% के बराबर है। एक फाइटर पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने करोड़ों डॉलर के हेलिकॉप्टर और संसाधन गंवाए, जिसने ‘सुपरपावर’ की सैन्य दक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए।

‘सीजफायर’ और सभ्यता का गौरव

ईरान ने इस युद्ध को केवल सैन्य नहीं बल्कि ‘सभ्यता’ की लड़ाई बना दिया। जब ट्रंप ने ईरानी विरासत को मिटाने की धमकी दी, तो तेहरान ने अपने इतिहास का हवाला देते हुए कहा—”सिकंदर और मंगोल भी हमें नहीं मिटा पाए, तो कोई व्यक्ति क्या मिटाएगा।” अंततः 8 अप्रैल की सुबह ट्रंप को ईरान की शर्तों पर सीजफायर (युद्धविराम) के लिए तैयार होना पड़ा। भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में इस घटना को ट्रंप की बड़ी कूटनीतिक हार के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप की इस कोशिश को स्थानीय भाषा में “जातो गंवाए, भातो न खाए” वाली स्थिति कहा जा सकता है। यानी मकसद भी पूरा नहीं हुआ, आर्थिक चपत भी लगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साख को भी गहरा धक्का पहुंचा।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: NATO Split on Iran: (ईरान मुद्दे पर नाटो में दरार), Oil Price Hike $140: (कच्चे तेल की कीमतों में उछाल), Trump vs Iran Ceasefire: (ट्रंप-ईरान युद्धविराम), West Asia Conflict 2026: (पश्चिम एशिया संघर्ष 2026)
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article युवाओं की सेहत पर बड़ा खतरा, रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर 20 की उम्र में हेल्थ अलर्ट? युवाओं में प्रीडायबिटीज और विटामिन D की भारी कमी ! रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
Next Article इजरायल का बड़ा बयान: “पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं”, ईरान-अमेरिका सीजफायर में ‘बिचौलिये’ की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

फीचर

View More

खट से स्कैन, फट से पेमेंट! 10 साल का हुआ UPI, जानिए कैसे चंद सेकेंड में बैंक से बैंक पहुंचता है पैसा

नई दिल्ली: मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन किया, यूपीआई पिन डाला और कुछ ही सेकेंड में पेमेंट पूरा। आज यह…

By vineet verma 5 Min Read

एक बार जोड़ी बनी तो जिंदगीभर साथ! प्यार और वफादारी की मिसाल है ये खूबसूरत पक्षी, जानें क्यों है इतना खास

लखनऊ: दुनिया में कई पक्षी अपनी खास खूबियों के लिए पहचाने जाते…

3 Min Read

बारिश में विमान उड़ सकते हैं तो फिर क्यों कैंसिल होती हैं फ्लाइट्स? वजह सिर्फ मौसम नहीं, ये हैं बड़े कारण

नई दिल्ली: सोमवार को दिल्ली में भारी बारिश और गरज के साथ…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

त्योहारों से पहले महंगा हुआ गुड़, 100 रुपये किलो तक पहुंचा भाव, मिठाई खरीदने पर भी पड़ेगा असर

महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए त्योहारों से पहले एक और चिंता बढ़ गई है। चीनी के…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

राहुल गांधी ने मोदी-शाह को पीछे छोड़ दिया? संजय राउत के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में बढ़ी हलचल

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दावा किया…

3 Min Read
EntertainmentTrending News

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद, कपड़ों की आलोचना पर एक्ट्रेस ने दिया करारा जवाब; कंगना रनौत ने भी साधा निशाना

रक्षाबंधन से पहले अभिनेत्री कृति सेनन का एक ज्वेलरी विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। विज्ञापन…

4 Min Read
Trending Newsफीचर

खट से स्कैन, फट से पेमेंट! 10 साल का हुआ UPI, जानिए कैसे चंद सेकेंड में बैंक से बैंक पहुंचता है पैसा

नई दिल्ली: मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन किया, यूपीआई पिन डाला और कुछ ही सेकेंड में पेमेंट पूरा। आज यह…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?