मध्य पूर्व में हालात हर घंटे और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों की पृष्ठभूमि में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत बताई जा रही है, जिसकी पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने कर दी है। अल जजीरा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया की लाइव रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार सुबह (1 मार्च) दुबई, दोहा और मनामा में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। दुबई में खासतौर पर पाम जुमेराह इलाके के आसपास विस्फोट हुए, बुर्ज अल अरब के पास आग और धुआं देखा गया, जिसके बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दीं।
दोहा में अल उदैद एयर बेस को निशाना बनाया गया, हालांकि कतर ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है और अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी। वहीं मनामा में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट के हेडक्वार्टर के पास हालात तनावपूर्ण रहे, सायरन बजे और कुछ इलाकों को खाली कराया गया। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा और भयानक जवाबी ऑपरेशन है और उन्होंने इजराइल व क्षेत्र के 27 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने इसे सीधे तौर पर “सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला” बताया है।
उधर इजराइल में तेल अवीव समेत कई शहरों में सायरन बज रहे हैं और जवाबी हमले जारी हैं, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन जारी रहने और ईरान को कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। खाड़ी के ज्यादातर देशों ने इन हमलों की निंदा की है, हवाई क्षेत्र बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजारों तक पहुंच गया है। कुल मिलाकर हालात बेहद नाजुक हैं और दोनों तरफ से और हमलों की चेतावनी के बीच दुनिया की नजरें इस पूरे क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।