अंतरिक्ष से आया ‘फायरबॉल’ 3I/ATLAS
वॉशिंगटन डीसी: साल 2025 में अन्तरिक्ष की दुनिया में एक नई हलचल मच गई है. इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट 3I/ATLAS, जो हमारे सौरमंडल से बाहर से आया एक रहस्यमयी धूमकेतु है, तेजी से सूरज के करीब पहुंच रहा है. 1 जुलाई 2025 को चिली के ATLAS सर्वे टेलीस्कोप द्वारा खोजा गया यह पिंड, अब तक के तीसरा पुष्ट इंटरस्टेलर वस्तु है, इससे पहले 2017 में ‘ओउमुआमुआ और 2019 में 2I/बोरिसोव मिल चुके हैं. लेकिन 3I/ATLAS की अनोखी विशेषताएं जैसे इसकी असामान्य गति, बनावट और एक ‘एंटी-टेल’ – वैज्ञानिकों को उत्साहित करने के साथ-साथ कुछ लोगों को सदियों पुरानी नॉस्ट्राडेमस की भविष्यवाणियों की याद दिला रही हैं.
NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के अनुसार, यह धूमकेतु 29 अक्टूबर 2025 को सूरज के सबसे नजदीक (लगभग 1.36 AU या 20 करोड़ किलोमीटर) पहुंचेगा. इसके बाद दिसंबर 2025 के मध्य में यह पृथ्वी से करीब 1.8 AU (27 करोड़ किलोमीटर) की दूरी से गुजरेगा. खुशखबरी ये है कि NASA ने साफ कहा है कोई खतरा नहीं! यह दूरी इतनी ज्यादा है कि नंगी आंखों से इसे देखना असंभव होगा, लेकिन शक्तिशाली टेलीस्कोपों से खगोल प्रेमी इसे ट्रैक कर सकेंगे. हबल स्पेस टेलीस्कोप ने 21 जुलाई 2025 को इसकी एक स्पष्ट तस्वीर ली थी, जब यह पृथ्वी से 277 मिलियन मील दूर था.
कहां से आया यह ‘अतिथि’?
जून 2025 के बीच में ही वैज्ञानिकों ने 3I/ATLAS नाम के इस अंतरिक्ष ऑब्जेक्ट को देखना शुरू कर दिया था, इसकी आधिकारिक खोज से पहले ही. Zwicky Transient Facility (ZTF) और ATLAS के पुराने डेटा से यह पता चला कि यह एक हाइपरबोलिक रास्ते पर चल रहा है, यानी यह सूरज की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से बंधा नहीं है. यह अंतरिक्ष में बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इसकी रफ्तार लगभग 61 किलोमीटर प्रति सेकंड (करीब 2.2 लाख किलोमीटर प्रति घंटा) है, जो इसे अब तक देखे गए सबसे तेज इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट्स में से एक बनाती है. 23 अक्टूबर 2025 को जेमिनी ऑब्जर्वेटरी से ली गई तस्वीरों में यह ऑब्जेक्ट सूरज की ओर गैस फेंकता हुआ दिखा, जो आम तौर पर धूमकेतुओं में देखा जाता है. इसका आकार लगभग 5 से 11 किलोमीटर (मैनहट्टन शहर जितना बड़ा) बताया जा रहा है और इसकी उम्र करीब 7 से 14 अरब साल मानी जा रही है. इस वजह से वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ऑब्जेक्ट ब्रह्मांड के बहुत पुराने और छिपे रहस्यों को समझने में मदद कर सकता है.
प्रोफेसर अवी लोएब ने बताया, दिलचस्प ऑब्जेक्ट
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अवी लोएब, जो पहले ‘ओउमुआमुआ’ को एलियन टेक्नोलॉजी बताने के लिए मशहूर हैं, उन्होंने कहा कि यह ऑब्जेक्ट बहुत दिलचस्प और रहस्यमयी है. इसके अंदर निक्केल (Nickel) और आयरन (Iron) का अनुपात थोड़ा अलग है, और इसकी गैस जेट की दिशा भी कुछ असामान्य है, जो कई सवाल खड़े करती है, भले ही ये सब प्राकृतिक ही क्यों न हों. जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने अगस्त 2025 में पता लगाया कि इसमें कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा पानी की बर्फ से आठ गुना ज्यादा है, जो हमारे सौरमंडल के धूमकेतुओं से बहुत अलग है. अब वैज्ञानिक वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी और यूरोपियन साउदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) के उपकरणों की मदद से इसकी रासायनिक बनावट (chemical composition) का और गहराई से अध्ययन कर रहे हैं, ताकि इसकी असली प्रकृति और उत्पत्ति को समझा जा सके. ESA के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को यह मंगल से महज 0.19 AU दूर गुजरा, जहां मार्स एक्सप्रेस और एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर ने इसकी तस्वीरें लीं. जूपिटर के पास से मार्च 2026 में गुजरते हुए जूनो सैटेलाइट इसे और करीब से देखेगा.
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी
सोशल मीडिया पर 3I/ATLAS को लेकर बहस छिड़ी है. कुछ यूजर्स इसे नास्त्रेदमस की 1555 की किताब ‘ले प्रोफेसी’ से जोड़ रहे हैं, जहां एक चौकड़ी में लिखा है. “आकाश से उठेगा अग्नि गोला, किस्मत का संदेश लेकर. विज्ञान और भाग्य नाचेंगे साथ, पृथ्वी को मिलेगा दूसरा मौका” कई व्याख्याकार इसे 2025 के अंत में आने वाले ‘कॉस्मिक फायरबॉल’ से जोड़ते हैं, जो एक उल्कापिंड या ब्रह्मांडीय टकराव का संकेत देता है. रिपोर्ट के अनुसार इसे ” नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी का संयोग” कहा जा रहा है, जहां लोग इसे “कॉस्मिक इशारा” मान रहे हैं.
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