कोई मीटिंग के लिए जाने वाला था। कोई घूमने तो अपने घर के लिए था। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही पता चला कि वो ऐसी अव्यवस्था के शिकार हो चुके हैं जहां न सुनवाई हो रही है ना ही वैकल्पिक यात्रा का ही बंदोबस्त है। देशभर के एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं। जिनमें कई वीवीआईपी भी शामिल हैं।
Indigo फ्लाइट कैंसिल हो रही है लेकिन पैसे रिफंड पाने के लिए यात्रियों को नाको चने चबाना पड़ रहा है। किसी यात्री के पास बच्चे को पिलाने के लिए दूध नहीं है। किसी यात्री को अपनी बेटी के लिए पैड चाहिए। इंडिगो के करीब 500 फ्लाइट कैंसिल हो चुके हैं। दिल्ली से उड़ने वाली सभी विमानों को आज रात तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरी अव्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा कि ‘इंडिगो का हंगामा इस सरकार के “मोनोपोली मॉडल” की कीमत है और भारत हर सेक्टर में सही कॉम्पिटिशन का हकदार है, न कि मैच-फिक्सिंग वाली मोनोपोली का’। कांग्रेस ने इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि ‘ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि एक फ्लाइट कंपनी की मोनोपॉली कर दी गई है। मेरा आग्रह है कि सदन को अवगत करवाया जाए कि इस समस्या का समाधान कब तक निकलेगा?’
वहीं इंडिगो ने गुरुवार को DGCA को बताया कि ऑपरेशन 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से स्टेबल होने की उम्मीद है, और उस दिन फ्लाइट ड्यूटी नियमों में कुछ समय के लिए छूट मांगी, जिस दिन देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने 550 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं।
सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू ने फ्लाइट में हो रही बड़ी दिक्कतों का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की और इंडिगो द्वारा नए FDTL नियमों को लागू करने के तरीके पर नाराज़गी जताई, जबकि उनके पास काफी समय था।
यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के नए नियमों को लागू करने में क्या गड़बड़ी हुई। क्या सरकार या विमान सेवा देने वाली कंपनी को ये अंदाजा नहीं था कि ये केयोस होगा। या फिर उन्होने इसे गंभीरता से नहीं लिया। क्या इस पूरे मामले की जांच होगी और इस अव्यवस्था के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।