संस्कृति और श्रद्धा के महापर्व छठ पूजा के मौके पर इस साल रेलवे ने एक अनोखी और भावनात्मक पहल की है.
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर देश के प्रमुख स्टेशनों — खासकर पूर्व रेलवे और धनबाद रेल मंडल के करीब 50 से अधिक स्टेशनों पर छठ के पारंपरिक गीतों का प्रसारण शुरू किया गया है.
जैसे ही स्टेशन पर उद्घोषणाएं होती हैं, पृष्ठभूमि में “केलवा के पात पर उगेलन सुरुजदेव…”, “मंगला हम वरदान हे गंगा मइया…”, और “पटना के घाट पर…” जैसे भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि से यात्रियों का मन भावुक हो जाता है. स्टेशन पर बजते ये गीत उन्हें अपने गांव और छठ घाट की सहज ही याद दिला रहे हैं. रेलवे की यह पहल घर से दूर रहे लोगों को भी त्योहार का एहसास करा रही है.
पूरे देश में छठ की रंगत
शनिवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ अनुष्ठान की शुरुआत होते ही पूरे पूर्वी भारत का वातावरण भक्तिमय हो उठा है. सड़कों, बाजारों , घरों से लेकर अब रेलवे स्टेशन भी इसी परंपरा का हिस्सा बन गए हैं.
रेलवे ने की अपील
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह सांस्कृतिक पहल पहली बार की गई है ताकि यात्रियों को त्योहार के भावनात्मक अनुभव से जोड़ा जा सके.छठ पूजा की अवधि में स्टेशन पर यात्रियों का स्वागत भक्ति गीतों के माध्यम से किया जा रहा है, वहीं ट्रेन से जुड़ी घोषणाएं भी इन्हीं गीतों की धुन पर की जा रही हैं.
इसी के साथ रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में पटाखे, ज्वलनशील पदार्थ या किसी भी विस्फोटक सामग्री को न लाएं.यह कदम पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए उठाया गया है.