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अमेरिका में ‘क्राइम बॉस’ बना भारतीय बिजनेसमैन! हनी ट्रैप और गंदे खेल के जरिए किया 1000 करोड़ का महाघोटाला

न्यूपोर्ट बीच, अमेरिका। भारतीय मूल के फाइनेंसर महेंद्र मखीजानी (44) की गिरफ्तारी ने अमेरिका के वित्तीय गलियारों में सनसनी फैला दी है। ‘कैंटर ग्रुप V LLC’ के मालिक मखीजानी पर न सिर्फ 100 मिलियन डॉलर (लगभग 954 करोड़ रुपये) के रियल एस्टेट घोटाले का आरोप है, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली किसी हॉलीवुड फिल्म के ‘क्राइम बॉस’ जैसी खौफनाक रही है।

कैसे बना ‘हनी ट्रैप’ का साम्राज्य?

महेंद्र मखीजानी का घोटाला सिर्फ फर्जी कागजों तक सीमित नहीं था। उसने बैंक अधिकारियों को फंसाने के लिए एक खतरनाक जाल बुना था…

  • प्राइवेट पार्टियां: मखीजानी अपने लग्जरी विला में ‘सीक्रेट’ पार्टियां देता था, जहाँ ड्रग्स और सेक्स वर्कर्स का बोलबाला होता था।
  • ब्लैकमेलिंग का हथियार: इन पार्टियों में शामिल होने वाले बैंक कर्मचारियों की वीडियो और तस्वीरें खींचकर वह उन्हें ब्लैकमेल करता था, ताकि वे आसानी से उसके फर्जी लोन अप्रूव कर दें।
  • हिंसा का खौफ: केवल ब्लैकमेलिंग ही नहीं, बल्कि मखीजानी ने हथियारबंद गुंडों की एक फौज भी पाल रखी थी। जो कर्मचारी उसके कहे अनुसार काम नहीं करते थे, उन्हें और उनके परिवारों को ‘जान से मारने’ की धमकियां दी जाती थीं।

फर्जीवाड़े का ‘मास्टरस्ट्रोक’

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, मखीजानी ने सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच टाइटल इंश्योरेंस रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की। उसने शेल कंपनियों का ऐसा मायाजाल बुना कि बैंक को यह लगा कि गिरवी रखी गई संपत्तियों पर उसकी कंपनी का पूर्ण अधिकार है, जबकि हकीकत में वे संपत्तियां फ्रॉड का जरिया थीं।

प्रतिद्वंद्वियों के लिए काल बना मखीजानी

हाल ही में एक मध्यस्थ ने मखीजानी को बिजनेसमैन मोहम्मद होनारकर के साथ एक डील में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का जिम्मेदार ठहराया था। रिपोर्ट के अनुसार, मखीजानी अपने व्यापारिक विरोधियों को डराने-धमकाने और संपत्तियों पर जबरन कब्जा करने के लिए गुंडागर्दी का खुलेआम इस्तेमाल करता था।

भारत में जन्मा और अमेरिकी ग्रीन कार्ड पर रह रहा मखीजानी अब सलाखों के पीछे है। उसे न्यूपोर्ट बीच स्थित उसकी आलीशान हवेली से गिरफ्तार किया गया। अगर आरोप साबित होते हैं, तो उसे 30 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। अमेरिकी IRS अधिकारियों का कहना है कि यह मामला वित्तीय प्रणाली के दुरुपयोग की पराकाष्ठा है।

news desk

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