गुवाहाटी में खेले गए महिला विश्व कप 2025 के पहले मुकाबले में भारत ने शानदार वापसी करते हुए श्रीलंका को मात दी. एक समय टीम 124 रन पर 6 विकेट गंवाकर संकट में थी, लेकिन दीप्ति शर्मा और अमनजोत कौर की जबरदस्त साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया. टूर्नामेंट से पहले भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी मज़बूत टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ी मानी जा रही थी. लेकिन श्रीलंका की स्पिनर इनोका राणावीरा ने एक ही ओवर में भारत के तीन अहम विकेट निकालकर टीम को गहरे संकट में धकेल दिया. इसके बाद ऋचा घोष भी सस्ती पारी खेलकर आउट हो गईं. स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 124 रन और आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी.
दीप्ति और अमनजोत की शतकीय साझेदारी
ऐसे मुश्किल हालात में क्रीज़ पर उतरीं अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और विश्व कप डेब्यू कर रही अमनजोत कौर. दोनों ने मिलकर सातवें विकेट के लिए 103 रनों की यादगार साझेदारी निभाई. दीप्ति ने धैर्य और समझदारी से खेलते हुए रनगति संभाली, जबकि अमनजोत ने आक्रामक अंदाज़ में चौके-छक्के लगाकर विपक्षी गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया अमनजोत ने 45 गेंदों पर अपना पहला वनडे अर्धशतक जड़ा. वहीं, दीप्ति ने लगातार स्ट्राइक रोटेट कर पारी को टिकाए रखा और अर्धशतक पूरा किया. सिर्फ बल्लेबाज़ी ही नहीं, गेंदबाज़ी में भी दीप्ति शर्मा छाईं रहीं. उन्होंने 54 रन देकर 3 विकेट झटके और श्रीलंका की बल्लेबाज़ी को टिकने नहीं दिया. उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत भारत ने आसान जीत दर्ज की.
राणा का तूफ़ानी अंदाज़, स्कोर 250 पार
अमनजोत के आउट होने के बाद स्नेह राणा ने तेज़ पारी खेलकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. आखिरी दो ओवरों में अकेले 34 रन आए और भारत का स्कोर 250 से आगे निकल गया. यह महिला वनडे इतिहास में केवल दूसरी बार हुआ जब कोई टीम 125 से कम पर 6 विकेट गंवाने के बाद 250 के पार पहुंची.
भारत की यह जीत सिर्फ दो अंक हासिल करने भर तक सीमित नहीं रही. इसने टीम की गहराई और लचीलापन भी दिखाया. लंबे समय तक भारतीय महिला टीम की कमजोरी मिडिल और लोअर ऑर्डर माना जाता था, लेकिन गुवाहाटी में यह धारणा टूटी. अमनजोत ने मैच के बाद कहा एक घायल शेर पीछे हटता है, लेकिन फिर बड़ी छलांग लगाता है. उनकी यह बात भारतीय टीम की नई मानसिकता और आत्मविश्वास को बखूबी दर्शाती है.