नई दिल्ली।ओमान के तट पर हाल ही में वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी शीर्ष राजनयिक को तलब किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
भारत का कड़ा विरोध और अमेरिकी प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स (Charge d’Affaires) जेसन मीक्स को तलब किया और एक औपचारिक विरोध पत्र (Demarche) सौंपा। भारत ने स्पष्ट कहा है कि समुद्री व्यापारिक मार्गों पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और बेहद चिंताजनक हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विदेश विभाग ओमान तट के पास हुई इन घटनाओं को लेकर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है।”
तीन भारतीय नाविक अभी भी लापता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान तट के पास ‘सेटेबेलो’ (Setebello) नामक जहाज पर हुए हमले के बाद बचाव अभियान चलाया गया। इस जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय दूतावास लगातार प्रयास कर रहा है।
इससे पहले सोमवार (8 जून) को होर्मुज स्ट्रेट के पास ‘एमटी मैरिवेक्स’ (MT Merivex) में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इस सफल बचाव कार्य के लिए भारत ने ओमान सरकार का आभार व्यक्त किया है।
भारत की चिंता: क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार पर संकट
विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:
- तनाव में वृद्धि: समुद्री व्यापारिक मार्गों पर हमले क्षेत्र में जारी व्यापक संघर्ष का नतीजा हैं।
- शांति की अपील: भारत ने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान खोजने का आग्रह किया है।
- आपूर्ति श्रृंखला: लगातार हमलों का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- सुरक्षित आवाजाही: भारत ने जोर देकर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों पर जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए और नागरिक ढांचों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।
यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की सतर्कता को दर्शाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे ओमान में स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं और लापता भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।