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INDIA-EU FTA :  क्यों खास है यह ऐतिहासिक समझौता, आम आदमी की जेब को मिलेगी राहत, सस्ती होंगी लग्जरी कारें, वाइन्स और दवाइयां

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है और इसकी वजह भी बड़ी है। इस समझौते से न सिर्फ भारत-ईयू के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी यह बड़ी राहत लेकर आया है। जो यूरोपीय प्रोडक्ट्स अब तक भारी टैक्स की वजह से जेब पर भारी पड़ते थे, वो आने वाले समय में धीरे-धीरे सस्ते होते नजर आएंगे।

97% प्रोडक्ट्स पर टैक्स कटौती, बाजार में बढ़ेगा विकल्प

दरअसल, इस FTA पर बातचीत कई सालों से चल रही थी और आखिरकार 2026 में यह डील फाइनल हुई। इसके तहत ईयू से भारत आने वाले करीब 97 फीसदी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ या तो कम किया जाएगा या पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा यूरोप से आने वाली वाइन, लग्जरी कारें, चॉकलेट, दवाएं, मशीनरी और मेडिकल इक्विपमेंट जैसी चीजों को मिलेगा। माना जा रहा है कि सिर्फ टैरिफ में कटौती से ही यूरोपीय कंपनियों को हर साल अरबों यूरो की बचत होगी, जिसका असर प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी साफ दिखेगा।

लग्जरी कार से लेकर दवाओं तक, आम आदमी को राहत

सबसे ज्यादा चर्चा लग्जरी कारों को लेकर हो रही है। फिलहाल इन पर 100 फीसदी से ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी लगती है, लेकिन FTA के बाद यह धीरे-धीरे घटकर करीब 10 फीसदी तक आ सकती है। ऐसे में Mercedes, BMW और Audi जैसी कारें पहले के मुकाबले काफी सस्ती हो सकती हैं। इसी तरह यूरोपीय वाइन और स्पिरिट्स पर लगने वाला भारी टैक्स भी कम होगा, जिससे प्रीमियम ड्रिंक्स ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सकेंगी।

खाने-पीने की चीजों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यूरोपीय चॉकलेट, बिस्किट, ब्रेड और प्रोसेस्ड फूड्स पर ड्यूटी घटने से इनकी कीमतें कम हो सकती हैं। वहीं दवाओं और मेडिकल डिवाइसेज पर टैक्स घटने से हेल्थकेयर सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी प्रोडक्ट्स भी आने वाले वर्षों में सस्ते हो सकते हैं।

इस डील का फायदा सिर्फ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। भारतीय निर्यातकों को भी यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, खासकर फार्मा, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर को। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए कुछ संवेदनशील सेक्टरों को इस समझौते से बाहर भी रखा है।

कुल मिलाकर, भारत-ईयू FTA भारतीय बाजार के लिए नए मौके लेकर आया है। कीमतें घटेंगी, विकल्प बढ़ेंगे और क्वालिटी भी बेहतर होगी। भले ही इसका पूरा असर दिखने में थोड़ा वक्त लगे, लेकिन इतना तय है कि आने वाले सालों में भारतीय उपभोक्ताओं की थाली और गैराज—दोनों में बदलाव साफ नजर आएगा।

news desk

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