यूपी की सियासत में बाहुबलियों की चर्चा अक्सर होती रहती है, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के दो बाहुबली नेता सबसे ज़्यादा सुर्खियों में हैं। अपने-अपने इंटरव्यू में ये दोनों नेता एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते नज़र आ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह की।
अभय सिंह, जो समाजवादी पार्टी से विधायक चुने गए थे, उनकी नजदीकियां इन दिनों बीजेपी से बढ़ती दिखाई दे रही हैं। वहीं धनंजय सिंह वर्तमान में जेडीयू से जुड़े हुए हैं। हालिया इंटरव्यू में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर कई आरोप लगाए, लेकिन इन आरोपों के बीच एक नाम ऐसा है, जो दोनों की जुबान पर है यूपी का मोस्ट वांटेड गुड्डू मुस्लिम।
गुड्डू मुस्लिम: बाहुबलियों के बीच विवाद का रहस्यमय नाम
आज हम उस शख्स की कहानी बता रहे हैं, जिसके नाम पर यूपी के दो बाहुबली नेताओं के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। गुड्डू मुस्लिम, जिसे लोग बमबाज गुड्डू मुस्लिम के नाम से भी जानते हैं, फिलहाल फरार है। उसके कारनामे इतने खतरनाक बताए जाते हैं कि सुनने वाला भी सिहर उठे।
अभय सिंह ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि धनंजय सिंह, गुड्डू मुस्लिम के साथ लूट की वारदातों में शामिल रहे। वहीं धनंजय सिंह ने भी एक किस्सा साझा करते हुए गुड्डू मुस्लिम को अभय सिंह से जोड़ा। आखिर कौन है ये गुड्डू मुस्लिम ऊर्फ गुड्डू बमबाज?
अपराध की दुनिया में एंट्री
प्रयागराज में जन्मा गुड्डू मुस्लिम बचपन से ही बदमाशी में माहिर बताया जाता है। जिस उम्र में लोग पढ़ाई कर भविष्य संवारने का सपना देखते हैं, उसी उम्र में उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। धीरे-धीरे यह शौक लूट और रंगदारी जैसी आपराधिक गतिविधियों में बदल गया।
युवा अवस्था में जब वह पढ़ाई के लिए लखनऊ पहुंचा, तब उसने अपराध की दुनिया में खुद को स्थापित करना शुरू कर दिया। जिस समय गुड्डू मुस्लिम लखनऊ पहुंचा उस समय अभय सिंह और धनंजय सिंह भी लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र थे। कहा जाता है कि उसी समय गुड्डू मुस्लिम इनके संपर्क में आया।
पहली बार कब आया नाम सामने
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम का नाम पहली बार बड़े स्तर पर 1997 में चर्चा में आया, जब लखनऊ के चर्चित लामार्टीनियर कॉलेज के गेम्स टीचर फ्रेडरिक जे. गोम्स की हत्या के मामले में उसे आरोपी बनाया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन अदालत में आरोप साबित नहीं हो सके और उसे राहत मिल गई।
बाहुबलियों और माफियाओं से नजदीकियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धीरे-धीरे गुड्डू मुस्लिम ने बाहुबली नेताओं से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कहा जाता है कि उसकी मुलाकात यूपी के कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला से भी हुई थी। यही समय था जब गुड्डू मुस्लिम के नाम पर एक के बाद एक अपराध दर्ज हो रहे थे।
अतीक अहमद का बना खासमखास!
गुड्डू मुस्लिम का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया, जब उसके अतीक अहमद से संबंध सामने आए। एक समय ऐसा भी आया जब वह अतीक का खासमखास बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अतीक अहमद ने उसे अपने पाले में लाने के लिए हरसंभव मदद की। यहां तक कि जेल से बाहर लाने में भी अतीक की भूमिका बताई जाती है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
राजू पाल और उमेश पाल हत्याकांड
अतीक अहमद के अधूरे कामों को पूरा करना ही गुड्डू मुस्लिम का अगला लक्ष्य बताया जाता है। वर्ष 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में अतीक अहमद समेत कई लोग आरोपी बने, जिनमें गुड्डू मुस्लिम का नाम भी शामिल था। सीबीसीआईडी ने उसे आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल की। अतीक की गिरफ्तारी के बाद गुड्डू मुस्लिम अंडरग्राउंड हो गया और इस दौरान उसने रियल एस्टेट में निवेश कर गैंग को संभाले रखा।
इसके बाद उमेश पाल हत्याकांड में गुड्डू मुस्लिम एक बार फिर सुर्खियों में आया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या में बमबाजी करने वाले शख्स के तौर पर उसकी पहचान हुई। इस मामले में अतीक अहमद के पूरे परिवार को आरोपी बनाया गया। यूपी पुलिस ने अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर किया, जबकि बाद में अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कहा जाता है कि गोली लगने से पहले अशरफ ने गुड्डू मुस्लिम का नाम लिया था। जैसे वो गुड्डू मुस्लिम के बारे में बताने वाला था।
कहां है मोस्ट वांटेड?
उमेश पाल की हत्या के बाद से ही गुड्डू मुस्लिम फरार है। हालांकि इस दौरान गुड्डू मुस्लिम के एनकाउंटर की खबरें भी सामने आईं, लेकिन यूपी पुलिस ने इसकी पुष्टि से इनकार कर दिया। आज भी गुड्डू मुस्लिम की फरारी तिलिस्म बनी हुई है।