अगले हफ्ते शुरू हो रहे टी-20 विश्व कप को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया।
आईसीसी ने वेन्यू बदलने से साफ मना कर दिया, लेकिन बांग्लादेश अपनी मांग पर अड़ा रहा। इसके बाद आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इतना ही नहीं आईसीसी ने पिछले महीने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का ऐलान किया। यह फैसला बांग्लादेश के भारत दौरे से इनकार करने के बाद लिया गया।
दूसरी ओर पाकिस्तान भी इस पूरे विवाद में लगातार शामिल रहा है और अब उसने भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार को टी-20 विश्व कप में खेलने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसने भारत के साथ होने वाले मुकाबले के बहिष्कार का निर्देश दिया है।
गवर्नमेंट ऑफ पाकिस्तान के आधिकारिक X हैंडल से ट्वीट करके इस बात की घोषणा की गई है। इसमें कहा गया, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम को मंजूरी देती है, हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच नहीं खेलेगी।’
ऐसे में अब देखना होगा कि आईसीसी इस पूरे मामले पर आगे क्या कदम उठाती है। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला नहीं होता है, तो इससे टूर्नामेंट को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
यह आईसीसी के लिए भी एक बड़ा झटका होगा। हालांकि, यह भी तय माना जा रहा है कि आईसीसी इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो टी-20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट को लगातार पाकिस्तान ने ही उकसाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसी के बहकावे में आकर बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार करने का फैसला लिया था।
उधर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान सरकार के उस बयान पर संज्ञान लिया है, जिसमें राष्ट्रीय टीम को ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चुनिंदा मैच खेलने का निर्देश दिया गया है।
ICC ने कहा है कि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से आधिकारिक और लिखित संवाद का इंतजार कर रही है. हालांकि, किसी वैश्विक खेल आयोजन में इस तरह की चुनिंदा भागीदारी उस मूल भावना के विपरीत है, जिसके तहत सभी योग्य टीमें तय कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर मुकाबला करती हैं। आईसीसी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इससे होने वाले दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखना चाहिए।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस फैसले के पीछे पाकिस्तानी सरकार के निर्देश का हवाला दिया है। पाकिस्तान के इस कदम के बाद आईसीसी ने अपने बयान में गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि अगर PCB अपने फैसले पर कायम रहती है, तो आईसीसी उस पर भारी जुर्माना लगा सकती है।
हालांकि, भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होने की स्थिति में खुद आईसीसी को भी करीब 200 करोड़ रुपये तक के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।अगर आईसीसी को इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है, तो इसका सीधा असर रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर पड़ेगा, जिससे बीसीसीआई, पीसीबी समेत सभी क्रिकेट बोर्ड की आमदनी प्रभावित होगी। पहले से आर्थिक रूप से मजबूत बीसीसीआई के लिए यह झटका शायद ज्यादा बड़ा न हो, लेकिन पीसीबी और अन्य बोर्ड के लिए यह भारी नुकसान साबित हो सकता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के मुकाबलों से करीब 100 करोड़ रुपये तक की कमाई होती है। वहीं भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो जाता है।
दरअसल, भारत-पाक टी-20 मुकाबले के लिए हर 10 सेकंड के विज्ञापन की कीमत आम तौर पर 25 लाख से 40 लाख रुपये के बीच रहती है। ऐसे में अगर यह मुकाबला नहीं होता है, तो संभावित नुकसान करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
इतना ही नहीं, आईसीसी बोर्ड से जुड़े एक सूत्र ने न्यूज़ एजेंसी को बताया है कि यदि मैच रद्द होता है, तो सजा के तौर पर ब्रॉडकास्टर को होने वाले नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी पीसीबी पर डाली जा सकती है।
यदि पाकिस्तानी टीम टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच नहीं खेलती है, तो आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट के खिलाफ कड़े कदम उठा सकती है, जिसका गंभीर असर पूरे सिस्टम पर पड़ सकता है। संभावित कार्रवाई इस प्रकार हो सकती है:
- PSL पर कार्रवाई: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC नहीं दिया जा सकता। इसके साथ ही PSL की आधिकारिक मान्यता भी रद्द की जा सकती है, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय साख को गहरा झटका लगेगा।
- राजस्व पर रोक: आईसीसी से पाकिस्तान को मिलने वाली राजस्व हिस्सेदारी रोकी जा सकती है।
- एशिया कप से बाहर: पाकिस्तान को एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।
- द्विपक्षीय सीरीज पर बैन: किसी भी देश के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
- मेजबानी का अधिकार खत्म: भविष्य में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स की मेजबानी से पाकिस्तान को वंचित किया जा सकता है।
इन कदमों का सीधा असर पाकिस्तान क्रिकेट की आर्थिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी पर पड़ सकता है।