सुल्तानपुर के एक छोटे से गांव बबुरी में ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने रिश्तों, भरोसे और मर्यादा की तमाम सीमाओं को तोड़ दिया. एक पति ने अपनी पत्नी को भतीजे के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया और अगले ही पल उस घर का दरवाज़ा “मौत की कोठरी” बन गया.
मुंबई में मज़दूरी करने वाला रमेश कोरी (उम्र 30 साल) गांव के एक निमंत्रण से घर लौटा. तो घर में अंदर आते ही उसने देखा कि उसकी पत्नी वंदना (25) और भतीजा विशाल (18) कमरे में आपत्तिजनक हालत में थे, पल भर में रमेश का दिमाग सुन्न हो गया. बिना कुछ सोचे-समझे उसने दरवाज़ा अंदर से बंद किया और पास रखी कुल्हाड़ी उठा ली.
कुल्हाड़ी से उसने विशाल के सिर और सीने पर एक के बाद एक वार किया. विशाल चीखता रहा, माफ़ी मांगता रहा, लेकिन रमेश नहीं रुका.
क्या है घटना का पूरा मसला
रमेश की पहली पत्नी उसे शादी के कुछ समय बाद छोड़ गई थी. चार साल पहले उसने वंदना से दूसरी शादी की. रमेश मुंबई में काम करता था और लंबे समय तक बाहर रहता था. इसी दौरान विशाल और वंदना की नज़दीकियां बढ़ीं. गांव लौटने पर रमेश को इस रिश्ते की भनक लगी और वह शक में जीने लगा. कई बार झगड़े हुए और फिर एक दिन ये सामने आ गया.
वंदना जब बीच में आई तो रमेश ने उस पर भी लाठी से हमला किया. उसका सिर फट गया, वह भी खून से लथपथ हो गई. वहीं दूसरी तरफ, विशाल की बहन ने चीखें सुनीं और दौड़ती हुई पहुंची. उसने दरवाज़ा खोलने की गुहार लगाई, रोती रही, चिल्लाती रही, पर रमेश ने जवाब में गालियां दीं और दरवाज़ा बंद रखा.
उसके बाद फ़ौरन गांव के लोग भी जमा हो गए और पुलिस को बुलाया गया. जब दरवाज़ा खुलवाया गया तो जो दृश्य सामने था, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं था. तब तक एक की मौत हो चुकी थी और दूसरी की ज़िंदगी अस्पताल के हवाले थी. पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने विशाल को मृत घोषित कर दिया. वंदना की हालत गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है.
पुलिस ने रमेश को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया है. हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. पत्नी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. SP अखंड प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि जांच तेजी से जारी है और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है.