देश की राजधानी में एक नामी स्कूल पर शिक्षा का नहीं, बल्कि मेंटल हरासमेंट का खूनी खेल सामने आया है. सेंट कोलंबस स्कूल (St. Columba’s School) के 16 साल के स्टूडेंट शौर्य पाटिल ने टीचर्स के टॉर्चर से तंग आकर मेट्रो ट्रैक के सामने कूदकर अपनी जान देदी.
जैसे ही ये बात सामने आई तो लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि स्कूल को फौरन इन चारों स्टाफ को सस्पेंड करना पड़ा. इस घटना के बाद, शौर्य के पिता की शिकायत पर प्रिंसिपल सहित चार टीचर्स के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज कराई गयी है.
आखिरी बार दिल तोडूंगा..
शौर्य के बैग से सुसाइड नोट इस केस का सबसे बड़ा सबूत है, जिसने स्कूल की काली करतूतों से पर्दा उठा दिया है. नोट में शौर्य ने अपनी माँ से माफ़ी मांगते हुए लिखा की:
‘सॉरी मम्मी, आपका इतनी बार दिल तोड़ा, अब लास्ट बार तोडूंगा. स्कूल की टीचर्स अब है ही ऐसे, क्या बोलू’.
उसने अपनी अंतिम इच्छा में सभी चार टीचरो पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि ‘किसी और बच्चे को ऐसा ना करना पड़े. शौर्य के माता-पिता का दावा है कि पिछले छह महीने से उनके बेटे को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा था.
‘सुसाइडल वॉर्निंग’ की अनदेखी?
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ये है कि परिवार ने स्कूल के ‘काउंसलिंग सिस्टम’ पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन शौर्य ने स्कूल काउंसलर से मिलकर अपने आत्महत्या के विचारों को साझा किया था, लेकिन काउंसलर ने उसे समझाने या दिलशा दिलाने के बजाय या टीचर्स के प्रति कड़े एक्शन लेने के बजाय, कथित तौर पर इसे नजरअंदाज कर दिया और शौर्य के माता-पिता को इन्फॉर्म करना भी ज़रूरी नहीं समझा.
इस त्रासदी के बाद, स्कूल के बाहर अभिभावकों और पूर्व छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. उनका कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है; ज़िम्मेदार शिक्षकों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूल से सभी CCTV फुटेज जब्त कर लिए हैं और FIR में नामित शिक्षकों को जल्द ही पूछताछ के लिए समन जारी कर दिया जाएगा. दिल्ली सरकार ने भी मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.
शौर्य का परिवार अब न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी और मासूम छात्र को स्कूल के टॉर्चर से अपनी जान न गँवानी पड़े.