सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के करोड़ों यूजर्स के बीच हाल ही में एक खबर ने खलबली मचा दी है। इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि Meta ने इंस्टाग्राम डायरेक्ट मैसेज यानी DM से ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ (E2EE) सिक्यूरिटी फीचर को हटा दिया है। लेकिन क्या वाकई आपकी प्राइवेट चैट अब अनसेफ हो गई है? आइए इस पूरे मामले को जानते हैं।
पिछले कुछ दिनों से टेक वर्ल्ड और सोशल मीडिया पर ऐसी रिपोर्ट वायरल हो रही थीं कि इंस्टाग्राम अपने प्राइवेसी फीचर्स में कटौती कर रहा है। यूजर्स को डर था कि इस बदलाव के बाद कंपनी या कोई तीसरा व्यक्ति उनके प्राइवेट मैसेज को आराम से पढ़ सकेगा। हालांकि, एक्सपर्ट्स और ऑफिसियल इनफार्मेशन के अनुसार, यह खबर पूरी तरह से गलत और मिसलीडिंग है।
मेटा ने क्लियर किया है कि वो इंस्टाग्राम से एन्क्रिप्शन हटा नहीं रहा है, बल्कि इसे ‘डिफ़ॉल्ट’ बनाने के प्रोसेस को और तेज कर रहा है। अब तक इंस्टाग्राम पर एन्क्रिप्शन एक वैकल्पिक फीचर था (जैसे ‘वैनिश मोड’ या ‘सीक्रेट चैट’), लेकिन अब कंपनी इसे व्हाट्सएप की तरह हर यूजर के लिए मैंडेटरी बना रही है।
अगर आपकी चैट एन्क्रिप्टेड है, तो इसका मतलब है:
मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई और इसे नहीं देख सकता है, खुद इंस्टाग्राम भी आपके टेक्स्ट या मीडिया को डिकोड नहीं कर सकता।डेटा लीक की स्थिति में भी आपकी बातचीत सुरक्षित रहती है।
दरअसल, मेटा अपने मैसेजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपडेट कर रहा है। इस अपडेट के दौरान कुछ यूजर्स को अपनी चैट हिस्ट्री सिंक करने में प्रॉब्लम आई। एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए PIN या बैकअप कोड सेट करने का नोटिफिकेशन मिला। कई पुराने फीचर्स (जैसे कुछ थर्ड-पार्टी ऐप इंटीग्रेशन) एन्क्रिप्शन लागू होने के बाद काम करना बंद कर गए। इन्हीं बदलावों को यूजर्स ने “फीचर का हटना” समझ लिया, जबकि असल में यह आपकी प्राइवेसी को पहले से ज्यादा मजबूत करने के लिए किया गया है।
देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज MCX (Multi Commodity Exchange) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की…
भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए राहत…
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी 'आग' अब इंडियन कंज्यूमर्स की जेब…
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों ने मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक…
पंजाब की सियासत में उस वक्त बड़ा उलटफेर हुआ, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंत्री…
डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदमों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला…