ग्रीनलैंड अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनता जा रहा है। किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने की मंशा को लेकर ट्रंप लगातार सुर्खियों में हैं। इस मुद्दे पर वह बार-बार सोशल मीडिया के ज़रिए अपना पक्ष रख रहे हैं और अपने इरादों को खुलकर जाहिर कर रहे हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बताते हुए कहा कि ताकत के जरिए ही विश्व में शांति कायम की जा सकती है और यह क्षमता केवल अमेरिका के पास है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “नाटो के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड को लेकर मेरी बहुत अच्छी टेलीफोन बातचीत हुई। मैं स्विट्जरलैंड के दावोस में अलग-अलग पार्टियों की बैठकों के लिए सहमत हो गया हूं। जैसा कि मैंने साफ कहा है, ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अब पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है और इस पर सभी सहमत हैं।”
इस दौरान ट्रंप ने एक चैट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें नाटो प्रमुख मार्क रुटे अमेरिका के सीरिया और गाजा को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते नजर आ रहे हैं। रुटे ने संदेश में लिखा,
“आपने सीरिया में जो किया, वह अविश्वसनीय है। दावोस में मैं मीडिया के जरिए गाजा और यूक्रेन में आपके प्रयासों को प्रमुखता से उठाऊंगा। ग्रीनलैंड पर आगे बढ़ने का रास्ता तलाशने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं और आपसे मिलने को उत्सुक हूं।”
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के ये बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर नई बहस को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के एक टेक्स्ट मैसेज का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इस संदेश में मैक्रों ने सीरिया और ईरान को लेकर अमेरिका द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की है और ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मिलकर बातचीत की बात कही है।
मैसेज में ट्रंप को अपना मित्र बताते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने लिखा,
“हम सीरिया को लेकर पूरी तरह सहमत हैं और ईरान पर भी मिलकर काफी कुछ कर सकते हैं, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि आप ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं?”
यह संदेश ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की नीति पर यूरोपीय नेताओं के बीच बढ़ती असहजता को भी दर्शाता है।
बता दे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। ईरान को जीतने की उनकी हसरत एक बार फिर अधूरी रह गई, लेकिन ग्रीनलैंड को हासिल करने का सपना वे अब भी पाले हुए हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर ट्रंप को लेकर लगातार मज़ाक उड़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं, ईरान से जुड़े उनके कई एआई-जनरेटेड वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
इस बीच ग्रीनलैंड पर कब्ज़े को लेकर ट्रंप का एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया था। दरअसल, यह खुलासा उन्होंने खुद नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे को भेजे एक पत्र में किया है। पत्र की सामग्री को लेकर चौंकाने वाली जानकारी लीक हुई है, जिसमें ट्रंप कहते हैं कि दुनिया में शांति के बारे में सोचने की ज़िम्मेदारी उनकी नहीं है।
ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया है कि ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की उनकी कोशिश नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की झुंझलाहट से जुड़ी है। यह जानकारी पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (PBS) ने दी है।पत्र में ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद उनका वैश्विक मामलों को देखने का नजरिया बदल गया है।
उन्होंने लिखा कि “आपके देश ने आठ से अधिक युद्ध रोकने के बावजूद मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया। अब मुझे केवल शांति के बारे में सोचने की जिम्मेदारी महसूस नहीं होती। हालांकि शांति हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी, लेकिन अब मैं यह भी सोच सकता हूँ कि अमेरिका के लिए क्या सही और उचित है।”