Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: ग्रीनलैंड ट्रंप के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल? सोशल मीडिया पर फिर जताए कब्जे के इरादे, अब लीक किए फ्रेंच राष्ट्रपति के प्राइवेट मैसेज
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > Trending News > ग्रीनलैंड ट्रंप के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल? सोशल मीडिया पर फिर जताए कब्जे के इरादे, अब लीक किए फ्रेंच राष्ट्रपति के प्राइवेट मैसेज
Trending Newsवर्ल्ड

ग्रीनलैंड ट्रंप के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल? सोशल मीडिया पर फिर जताए कब्जे के इरादे, अब लीक किए फ्रेंच राष्ट्रपति के प्राइवेट मैसेज

news desk
Last updated: January 20, 2026 4:55 pm
news desk
Share
SHARE

ग्रीनलैंड अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनता जा रहा है। किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने की मंशा को लेकर ट्रंप लगातार सुर्खियों में हैं। इस मुद्दे पर वह बार-बार सोशल मीडिया के ज़रिए अपना पक्ष रख रहे हैं और अपने इरादों को खुलकर जाहिर कर रहे हैं।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बताते हुए कहा कि ताकत के जरिए ही विश्व में शांति कायम की जा सकती है और यह क्षमता केवल अमेरिका के पास है।

अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “नाटो के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड को लेकर मेरी बहुत अच्छी टेलीफोन बातचीत हुई। मैं स्विट्जरलैंड के दावोस में अलग-अलग पार्टियों की बैठकों के लिए सहमत हो गया हूं। जैसा कि मैंने साफ कहा है, ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। अब पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है और इस पर सभी सहमत हैं।”

इस दौरान ट्रंप ने एक चैट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें नाटो प्रमुख मार्क रुटे अमेरिका के सीरिया और गाजा को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते नजर आ रहे हैं। रुटे ने संदेश में लिखा,
“आपने सीरिया में जो किया, वह अविश्वसनीय है। दावोस में मैं मीडिया के जरिए गाजा और यूक्रेन में आपके प्रयासों को प्रमुखता से उठाऊंगा। ग्रीनलैंड पर आगे बढ़ने का रास्ता तलाशने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं और आपसे मिलने को उत्सुक हूं।”

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के ये बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर नई बहस को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के एक टेक्स्ट मैसेज का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इस संदेश में मैक्रों ने सीरिया और ईरान को लेकर अमेरिका द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की है और ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मिलकर बातचीत की बात कही है।

मैसेज में ट्रंप को अपना मित्र बताते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने लिखा,
“हम सीरिया को लेकर पूरी तरह सहमत हैं और ईरान पर भी मिलकर काफी कुछ कर सकते हैं, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि आप ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं?”

यह संदेश ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की नीति पर यूरोपीय नेताओं के बीच बढ़ती असहजता को भी दर्शाता है।

बता दे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। ईरान को जीतने की उनकी हसरत एक बार फिर अधूरी रह गई, लेकिन ग्रीनलैंड को हासिल करने का सपना वे अब भी पाले हुए हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर ट्रंप को लेकर लगातार मज़ाक उड़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं, ईरान से जुड़े उनके कई एआई-जनरेटेड वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

इस बीच ग्रीनलैंड पर कब्ज़े को लेकर ट्रंप का एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया था। दरअसल, यह खुलासा उन्होंने खुद नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे को भेजे एक पत्र में किया है। पत्र की सामग्री को लेकर चौंकाने वाली जानकारी लीक हुई है, जिसमें ट्रंप कहते हैं कि दुनिया में शांति के बारे में सोचने की ज़िम्मेदारी उनकी नहीं है।

ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया है कि ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की उनकी कोशिश नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने की झुंझलाहट से जुड़ी है। यह जानकारी पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (PBS) ने दी है।पत्र में ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने के बाद उनका वैश्विक मामलों को देखने का नजरिया बदल गया है।

उन्होंने लिखा कि “आपके देश ने आठ से अधिक युद्ध रोकने के बावजूद मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया। अब मुझे केवल शांति के बारे में सोचने की जिम्मेदारी महसूस नहीं होती। हालांकि शांति हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी, लेकिन अब मैं यह भी सोच सकता हूँ कि अमेरिका के लिए क्या सही और उचित है।”

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: अंतरराष्ट्रीय राजनीति, इमैनुएल मैक्रों, ईरान मुद्दा, ग्रीनलैंड विवाद, ट्रुथ सोशल, डोनाल्ड ट्रंप, नाटो, फ्रांस अमेरिका संबंध, वैश्विक सुरक्षा, सीरिया नीति
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article सोनम कपूर का ग्लैमरस अंदाज़, मैटरनिटी लुक वायरल आल ग्लोइंग,आल परफेक्ट! दूसरी प्रेगनेंसी को स्टाइल में एन्जॉय कर रही सोनम कपूर, फ्लॉन्ट किया बेबी बंप…
Next Article शेयर मार्किट का ब्लैक डे! शेयर मार्केट का ब्लैक डे! ग्लोबल टेंशन और ट्रंप टैरिफ धमकी से भारतीय शेयर बाजार क्रैश,10 लाख करोड़ स्वाहा

फीचर

View More
एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

By Gopal Singh 8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी…

9 Min Read

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं।…

5 Min Read

विचार

View More

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी का प्रभाव भारत की…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

लोकतंत्र या नियंत्रित व्यवस्था? रूस-चीन की राह पर चलती भारत और संघ की अदृश्य रणनीति!

एक समय देश में कांग्रेस पार्टी…

December 15, 2025

You Might Also Like

12 फरवरी 2026 बैंक हड़ताल
Trending Newsअन्य

कल बैंक जाने का बना रहे हैं प्लान ? पहले पढ़ लें ये खबर वरना हो सकती है परेशानी

नई दिल्ली: देशभर में 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को बैंक कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल होने जा रही है, जिसका असर…

2 Min Read
Trending Newsक्राइम

कानपुर लैंबोर्गिनी कांड में नए खुलासे: CCTV कुछ और बता रहा, परिवार कुछ और—आखिर कार चला कौन रहा था?

कानपुर के चर्चित “लैंबोर्गिनी कांड” में जांच आगे बढ़ने के साथ हर दिन नए सवाल और नए खुलासे सामने आ…

2 Min Read
जैस्मीन सैंडलस दिल्ली कॉन्सर्ट विवाद
EntertainmentTrending News

स्टेज पर गरजीं ‘गुलाबी क्वीन’! बदतमीजी देख जैस्मीन सैंडलस ने बीच में रोका दिल्ली कॉन्सर्ट, कहा- “सेफ्टी पहले, गाना…

बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की क्वीन सिंगर जैस्मीन सैंडलस (Jasmine Sandlas) एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस…

2 Min Read
Trending Newsसियासी

संसद में राहुल गांधी ने बताया-इंडिया गठबंधन होती तो ट्रंप को कैसे देती मुंह तोड़ जवाब

नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?