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दुनिया भर के Chrome यूजर्स खतरे में? Google ने जारी किया इमरजेंसी अपडेट तुरंत करें ये काम नहीं तो हो सकते हैं साइबर फ्रॉड के शिकार

नई दिल्ली: टेक दिग्गज Google ने अपने पॉपुलर वेब ब्राउज़र Google Chrome में पाई गई दो खतरनाक सिक्योरिटी कमजोरियों को तुरंत पैच कर दिया है। खास बात यह है कि इन दोनों “जीरो-डे” कमजोरियों का इस्तेमाल हैकर्स पहले से ही कर रहे थे। यानी अगर कोई यूजर किसी खतरनाक या मैलिशियस वेबसाइट पर चला जाता, तो उसका ब्राउज़र क्रैश हो सकता था या फिर हमलावर सिस्टम में कोड चलाने की कोशिश कर सकते थे। इसी वजह से दुनियाभर के करोड़ों Chrome यूजर्स को तुरंत अपना ब्राउज़र अपडेट करने की सलाह दी जा रही है।

गूगल की सिक्योरिटी रिपोर्ट के मुताबिक इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 नाम दिया गया है। दोनों ही हाई-सेवियरिटी बग हैं और इनका CVSS स्कोर 8.8 बताया गया है। कंपनी के अनुसार इन खामियों को 10 मार्च 2026 को खोजा गया और तुरंत फिक्स तैयार कर लिया गया। गूगल ने यह भी बताया कि इन कमजोरियों के एक्सप्लॉइट्स पहले से इंटरनेट पर मौजूद थे, यानी हमलावर इन्हें सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे थे।

ब्राउज़र क्रैश या कोड रन होने का खतरा

पहली कमजोरी CVE-2026-3909 Chrome की ग्राफिक्स लाइब्रेरी Skia Graphics Library से जुड़ी थी। इसमें आउट-ऑफ-बाउंड्स राइट की समस्या थी। अगर कोई यूजर किसी खास तरीके से तैयार किए गए HTML पेज को खोल लेता, तो हमलावर ब्राउज़र की मेमोरी में गड़बड़ी पैदा कर सकता था। इससे ब्राउज़र क्रैश हो सकता था या फिर सिस्टम में कोड रन होने का खतरा बन सकता था।

दूसरी कमजोरी CVE-2026-3910 Chrome के जावास्क्रिप्ट इंजन V8 JavaScript Engine और WebAssembly से जुड़ी थी। इसमें इम्प्लीमेंटेशन की गड़बड़ी के कारण कोई हमलावर क्राफ्टेड वेबपेज के जरिए ब्राउज़र के सैंडबॉक्स के अंदर मैलिशियस कोड चला सकता था।

तुरंत करें Chrome अपडेट

गूगल ने इन समस्याओं को ठीक करने के लिए इमरजेंसी अपडेट जारी कर दिया है। Windows के लिए Chrome का वर्जन 146.0.7680.75, macOS के लिए 146.0.7680.76 और Linux के लिए 146.0.7680.75 रिलीज किया गया है।

अगर आप Chrome यूजर हैं तो ब्राउज़र के Settings → Help → About Chrome में जाकर अपडेट चेक कर सकते हैं। ब्राउज़र को रीस्टार्ट करने पर भी नया अपडेट अपने-आप इंस्टॉल हो जाएगा।

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी कमजोरियों का इस्तेमाल अक्सर फिशिंग, मैलवेयर या दूसरे साइबर हमलों में किया जाता है। इसलिए बेहतर यही है कि Chrome को तुरंत अपडेट कर लिया जाए, ताकि आपकी ऑनलाइन सुरक्षा सुरक्षित रह सके।

news desk

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