जोधपुर जेल से रिहा हुए सोनम वांगचुक
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को करीब छह महीने बाद हिरासत से रिहा कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला लिया, जिसके बाद शनिवार दोपहर राजस्थान की Jodhpur Central Jail से उनकी रिहाई हुई। कई महीनों से हिरासत में रहे सोनम वांगचुक की रिहाई अब लद्दाख से जुड़े मुद्दों के बीच एक अहम घटनाक्रम मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सोनम वांगचुक को शनिवार दोपहर जेल से रिहा किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो भी जेल पहुंचीं और कागजी प्रक्रिया पूरी की।
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में हिरासत में लिया गया था। उस समय लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में बड़े प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हालात बिगड़ गए थे और कई जगह तनाव की स्थिति बन गई थी। उन पर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार उस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की और बाद में उन्हें जोधपुर जेल भेज दिया गया।
केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख में शांति और भरोसे का माहौल बनाए रखना जरूरी है। सरकार का कहना है कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का हल बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जाना चाहिए। इसी सोच के साथ उनकी हिरासत खत्म करने का फैसला लिया गया है। गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षों के साथ सार्थक बातचीत आगे बढ़ सके। मंत्रालय के अनुसार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी कदम आगे भी जारी रहेंगे।
सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द किए जाने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि उन्हें जेल भेजा ही क्यों गया? अखिलेश यादव ने आगे कहा की ”बीजेपी ने ही आश्वासन दिया था कि उन्हें स्टेटहुड का पूरा दर्जा मिलेगा। स्टेटहुड की पूरी पावर मिलेंगी लेकिन बीजेपी ने उनके साथ धोखा किया, न सिर्फ जनता को धोखा दिया बल्कि वांगचुक के साथ भी ऐसा व्यवहार किया और उन्हें जेल में जाना पड़ा। “
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख में शिक्षा, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। फिल्म 3 Idiots में आमिर खान का फुनसुख वांगड़ू वाला किरदार भी उनसे प्रेरित माना जाता है। फिलहाल उनकी रिहाई को लद्दाख में आगे की बातचीत के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
लखनऊ। भगवान श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह के पावन उपलक्ष्य में श्री…
पटना/विराटनगर। बिहार के चर्चित कोचिंग हब पटना से शुरू हुआ विवाद अब पड़ोसी देश नेपाल…
आज के समय में लोगों के पास मनोरंजन के लिए पहले जितना समय नहीं है।…
नई दिल्ली/दुबई। महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 (Women's T20 World Cup) में आज क्रिकेट जगत…
लॉस एंजिल्स। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के ग्रुप-सी के एक बेहद…
नई दिल्ली: अगर आप ऐसी विदेशी जगह की तलाश में हैं जहां भीड़ कम हो,…