Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: अलविदा शिव कुमार …पिच के पीछे की ताकत चली गई
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > Trending News > अलविदा शिव कुमार …पिच के पीछे की ताकत चली गई
Trending Newsखेल

अलविदा शिव कुमार …पिच के पीछे की ताकत चली गई

SYED MOHAMMAD ABBAS
Last updated: February 3, 2026 10:12 pm
SYED MOHAMMAD ABBAS
Share
SHARE

कानपुर। भारतीय क्रिकेट को अक्सर खिलाड़ियों, रिकॉर्ड और ट्रॉफियों से आंका जाता है, लेकिन इस खेल की असली बुनियाद पिच और मैदान-जिन हाथों से तैयार होते हैं, उनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के वरिष्ठ क्यूरेटर शिव कुमार के आकस्मिक निधन ने इसी अदृश्य लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी को तोड़ दिया है।

दिल का दौरा पड़ने से हुए उनके असमय निधन से न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि भारतीय क्रिकेट के क्यूरेशन और ग्राउंड मैनेजमेंट क्षेत्र में गहरा शून्य पैदा हो गया है। दशकों तक शिव कुमार ने ऐसे विकेट तैयार किए, जिन पर क्रिकेट के हर फॉर्मेट को न्याय मिला—चाहे वह तेज़ गेंदबाज़ों की मदद हो या बल्लेबाज़ों के लिए संतुलित उछाल।

शिव कुमार उन गिने-चुने विशेषज्ञों में शामिल थे, जिन्हें बीसीसीआई का कंसल्टेंट क्यूरेटर बनने का अवसर मिला। पिच क्यूरेशन, मिट्टी परीक्षण, ड्रेनेज सिस्टम और विकेट प्रबंधन जैसे तकनीकी पहलुओं पर उनका अनुभव भारतीय क्रिकेट संरचना का अहम हिस्सा रहा। कई बड़े मुकाबलों की सफलता के पीछे उनकी तैयारी और सूक्ष्म योजना रही, जिसका श्रेय अक्सर सामने नहीं आ पाया।

उनकी विशेषज्ञता भारत तक सीमित नहीं रही। हाल ही में सिंगापुर क्रिकेट एसोसिएशन के लिए किए गए उनके कार्य ने यह साबित किया कि भारतीय क्यूरेशन स्किल्स वैश्विक स्तर पर भी सम्मानित हैं। विदेशी धरती पर तैयार की गई उनकी पिचों को खिलाड़ियों और आयोजकों से समान रूप से सराहना मिली।

शिव कुमार सिर्फ एक क्यूरेटर नहीं थे, बल्कि एक गुरु भी थे। उन्होंने युवा क्यूरेटरों और ग्राउंड स्टाफ को प्रशिक्षित कर ऐसी विरासत छोड़ी, जो आने वाले वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की नींव को मजबूत करती रहेगी।

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन्हें याद करते हुए कहा कि क्यूरेशन के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

भारतीय क्रिकेट ने आज एक ऐसा साइलेंट आर्किटेक्ट खो दिया है, जिसके बिना खेल की भव्यता अधूरी है।

बीसीसीआई की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद शिवकुमार वर्तमान में सीनियर पिच क्यूरेटर के साथ-साथ सेंट्रल जोन प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। यूपीसीए के पूर्व सचिव और वर्तमान में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने उन पर भरोसा जताते हुए ग्रीनपार्क सहित देश के कई प्रमुख स्टेडियमों में विकेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे शिवकुमार ने पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ निभाया।

2005 से 500वें टेस्ट तक: ग्रीनपार्क की हर ऐतिहासिक पिच के पीछे शिवकुमार

खेल विभाग में कार्यरत रहते हुए अन्य स्थानों पर जाकर काम करने में नियम बाधा बन रहे थे, ऐसे में शिवकुमार ने वीआरएस लेकर यूपीसीए में सीनियर पिच क्यूरेटर के पद पर योगदान दिया। इसके बाद उन्होंने देश के लगभग सभी शीर्ष स्टेडियमों में विकेट तैयार किए, साथ ही बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी पिच क्यूरेशन का कार्य कर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया।

ग्रीनपार्क स्टेडियम में लाल मिट्टी की पिच तैयार करने का सपना वे पिछले कई वर्षों से संजोए हुए थे। इसके लिए हाल ही में वे महाराष्ट्र से विशेष मिट्टी मंगवाने में सफल भी हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश उस सपने को साकार करने से पहले ही उनका निधन हो गया और यह इच्छा अधूरी रह गई।

वर्ष 2005 से लेकर अब तक ग्रीनपार्क में खेले गए सभी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की विकेट शिवकुमार ने ही तैयार की थी। बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर लगने वाले आरोपों को उन्होंने संतुलित और निष्पक्ष विकेट बनाकर दूर किया, जिससे गेंदबाजों का आत्मविश्वास भी बढ़ा। भारतीय क्रिकेट इतिहास का 500वां टेस्ट मैच, आईपीएल सहित कई अहम मुकाबलों में उनकी तैयार की गई पिचें यादगार रहीं।

मैच के नतीजे चाहे जो भी रहे हों, दोनों टीमों के कप्तान, कोच और खिलाड़ी शिवकुमार की कारीगरी की खुले दिल से सराहना करते थे। राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने मैचों के बाद उन्हें सम्मानित कर उनके योगदान को यादगार बनाया।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रिकेट क्यूरेशन, क्रिकेट मैदान प्रबंधन, खेल जगत शोक, घरेलू क्रिकेट, पिच क्यूरेटर, बीसीसीआई कंसल्टेंट, भारतीय क्रिकेट, यूपीसीए, यूपीसीए क्यूरेटर, राजीव शुक्ला बयान, शिव कुमार निधन
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article देश में 93,000 सरकारी स्कूलों पर लटका ताला देश में 93,000 सरकारी स्कूलों पर लटका ताला, आखिर क्यों सिमट रहा है सरकारी शिक्षा का दायरा?
Next Article साधारण नहीं 'स्मार्ट' होंगे कपड़े, धागों में छिपी 'इंटेलिजेंस' देगी सहारा अब आपकी टी-शर्ट और जींस बनेगी ‘रोबोटिक असिस्टेंट’ ! क्या शुरू होने वाला है स्मार्ट कपड़ों का दौर ?

फीचर

View More
एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

By Gopal Singh 8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी…

9 Min Read

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं।…

5 Min Read

विचार

View More

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी का प्रभाव भारत की…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

लोकतंत्र या नियंत्रित व्यवस्था? रूस-चीन की राह पर चलती भारत और संघ की अदृश्य रणनीति!

एक समय देश में कांग्रेस पार्टी…

December 15, 2025

You Might Also Like

12 फरवरी 2026 बैंक हड़ताल
Trending Newsअन्य

कल बैंक जाने का बना रहे हैं प्लान ? पहले पढ़ लें ये खबर वरना हो सकती है परेशानी

नई दिल्ली: देशभर में 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को बैंक कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल होने जा रही है, जिसका असर…

2 Min Read
Trending Newsक्राइम

कानपुर लैंबोर्गिनी कांड में नए खुलासे: CCTV कुछ और बता रहा, परिवार कुछ और—आखिर कार चला कौन रहा था?

कानपुर के चर्चित “लैंबोर्गिनी कांड” में जांच आगे बढ़ने के साथ हर दिन नए सवाल और नए खुलासे सामने आ…

2 Min Read
जैस्मीन सैंडलस दिल्ली कॉन्सर्ट विवाद
EntertainmentTrending News

स्टेज पर गरजीं ‘गुलाबी क्वीन’! बदतमीजी देख जैस्मीन सैंडलस ने बीच में रोका दिल्ली कॉन्सर्ट, कहा- “सेफ्टी पहले, गाना…

बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की क्वीन सिंगर जैस्मीन सैंडलस (Jasmine Sandlas) एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस…

2 Min Read
Trending Newsसियासी

संसद में राहुल गांधी ने बताया-इंडिया गठबंधन होती तो ट्रंप को कैसे देती मुंह तोड़ जवाब

नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?