नई दिल्ली: अगर आपने इस साल की शुरुआत में सोने में निवेश किया था, तो समझ लीजिए आपका फैसला गोल्डन साबित हुआ है! साल 2025 में सोने ने जबरदस्त रिटर्न दिया है — अंतरराष्ट्रीय बाजार में अब तक 56% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ यह $4,381.21 प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है. हां, पिछले कुछ दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट ज़रूर दिखी है, लेकिन एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ये बस प्रॉफिट बुकिंग फेज़ है — यानी थोड़ी सांस लेने की तैयारी, फिर से उड़ान भरने से पहले!
घरेलू बाजार में भी गोल्ड ने दिखाया दम
भारत में एमसीएक्स पर दिसंबर वायदा के लिए सोना गुरुवार सुबह ₹1,22,938 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर 0.89% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था. चांदी भी पीछे नहीं रही — दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट्स ₹1,46,915 प्रति किलो पर 0.93% ऊपर रहे. यानी कीमती धातुओं का जोश अब भी बरकरार है.
दुनिया में क्या चल रहा है गोल्ड मार्केट में?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड थोड़ा कमजोर होकर $4,084.29 प्रति औंस पर आ गया है, जबकि अमेरिकी दिसंबर फ्यूचर्स $4,100.90 प्रति औंस तक ऊपर गए हैं. डॉलर की मजबूती (0.2% की बढ़त) ने गोल्ड को थोड़ा महंगा बना दिया है, और अमेरिका–चीन के बीच संभावित ट्रेड डील की उम्मीदों ने कुछ वक्त के लिए सेफ हेवन डिमांड को कम कर दिया है.
भारत में क्या हैं रेट्स?
देशभर में गोल्ड और सिल्वर दोनों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है, लेकिन दाम अब भी ऊंचे हैं. दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,26,030 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुआ, जबकि मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में इसका भाव ₹1,25,880 रहा. 22 कैरेट सोना ₹1,15,400 के आसपास रहा, वहीं चांदी ₹1,59,900 प्रति किलो पर टिकी रही.
सिल्वर भी चमक में किसी से कम नहीं!
इस साल चांदी ने तो सच में चौका दिया — अब तक 70% की बढ़त! इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सोलर पैनल इंडस्ट्री में बढ़ती डिमांड ने इंडस्ट्रियल सिल्वर की मांग को आसमान पर पहुंचा दिया है. हालांकि हाल में थोड़ा करेक्शन देखने को मिला है, लेकिन लंबी अवधि में चांदी का चार्ट अब भी चमकदार दिख रहा है.
क्यों बनी रहेगी गोल्ड की रौनक?
फेडरल रिजर्व अगर ब्याज दरें घटाता है, तो गोल्ड के दाम और चढ़ सकते हैं. सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीदारी लगातार जारी है — ये निवेशकों के भरोसे की बड़ी निशानी है. अमेरिका, चीन और यूरोप की आर्थिक सुस्ती ने गोल्ड को ‘सेफ इन्वेस्टमेंट’ बना दिया है.भारत में शादी और त्योहारों का सीजन फिजिकल गोल्ड की डिमांड को लगातार मजबूत बना रहा है.
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये जो मौजूदा गिरावट दिख रही है, वो बस शॉर्ट-टर्म करेक्शन है. असल में ये निवेशकों के लिए बढ़िया मौका है — “Buy the dip” यानी कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं तो खरीदारी का समय है! अगर फेडरल रिजर्व ने वाकई ब्याज दरों में और दो कटौती की, तो सोना आने वाले महीनों में फिर से नए रिकॉर्ड बना सकता है.
मतलब यह कि —
गोल्ड और सिल्वर दोनों ही अभी भी सुरक्षित और फायदे वाले निवेश विकल्प बने हुए हैं. थोड़ी बहुत अस्थिरता के बावजूद, मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इन दोनों धातुओं की चमक 2025 के बाकी महीनों में भी बनी रहेगी. तो अगर आप सोच रहे हैं कहां निवेश करें — गोल्ड अब भी ‘गोल्डन चॉइस’ है!