भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक अस्थाई सुधार देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों की लगातार गिरावट के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई जैसे बड़े कारोबारी केंद्रों में सोने के दाम मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आज कीमतों में आया यह उछाल महज एक शॉर्ट-टर्म पुल-बैक है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर मंदी के संकेतों के कारण बाजार का मुख्य रुख अभी भी नीचे की ओर ही बना हुआ है। हालांकि, शादियों के सीजन के लिए खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं ने इस मामूली तेजी के बाद बाजारों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।
अगर देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों के भाव पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर लगभग 1,48,723 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि गहने बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का दाम 1,36,230 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी आज हल्की रिकवरी रही, जहां 24 कैरेट सोना 184 रुपये की मजबूती के साथ 1,47,890 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,35,472 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं बिहार की राजधानी पटना और इसके आस-पास के बाजारों में भी कल के मुकाबले मामूली बढ़त देखी गई, जिससे स्थानीय सर्राफा संघों में थोड़ी हलचल बढ़ गई है।
भले ही आज बाजार में 100 से 200 रुपये की मामूली तेजी से थोड़ा बदलाव दिखा हो, लेकिन इस साल का सबसे बड़ा सच यह है कि सोना अपने ऑल-टाइम हाई से बेहद सस्ते दाम पर मिल रहा है। जनवरी 2026 में सोने ने एक नया रिकॉर्ड बनाया था जब इसकी कीमतें 1.80 रुपये लाख प्रति 10 ग्राम के पार चली गई थीं। उसके मुकाबले आज जुलाई 2026 में सोना करीब ₹1.47 लाख के स्तर पर आ चुका है। इसका मतलब है कि पिछले छह महीनों के भीतर सोने की कीमतों में सीधे तौर पर 32,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी और ऐतिहासिक गिरावट आ चुकी है, जो लंबे समय बाद देखने को मिली है।
सोने की कीमतों में लगातार आ रही इस बड़ी गिरावट ने आम उपभोक्ताओं और छोटे निवेशकों के बीच एक मनोवैज्ञानिक डर का माहौल पैदा कर दिया है। बाजार में इस समय ‘पैनिक सेलिंग’ का दौर देखा जा रहा है, जहां लोग इस आशंका में अपने घरों में रखा पुराना सोना या आभूषण बाजार में बेच रहे हैं कि कहीं आने वाले दिनों में कीमतें और ज्यादा न गिर जाएं।
मध्यमवर्गीय परिवारों और निवेशकों का एक बड़ा वर्ग इस समय को मुनाफावसूली के लिए सही मान रहा है, ताकि वे अपने पुराने निवेश पर होने वाले संभावित नुकसान को कम से कम कर सकें।
ज्वैलरी इंडस्ट्री के जानकारों का अनुमान है कि सोने में चल रहा यह प्राइस करेक्शन अभी और आगे बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि आने वाले हफ्तों में सोना गिरकर 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर तक भी आ सकता है।
इस भविष्यवाणी ने नए खरीदारों को बड़ी असमंजस में डाल दिया है कि वे मौजूदा 1.47 लाख रुपये के भाव पर खरीदारी शुरू करें या 1.20 लाख रुपये के स्तर तक गिरने का इंतजार करें। हालांकि, खुदरा व्यापारियों का मानना है कि यदि सोना 1.20 लाख रुपये के स्तर पर आता है, तो बाजार में पिछले कई सालों की सबसे बड़ी खरीदारी की लहर देखने को मिलेगी।
अगर आप भी एक ऐसे ट्रू वायरलेस स्टीरियो ईयरबड्स की तलाश में हैं जो जेब…
शिव रवैल के डायरेक्शन में बनी आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर 'ऐल्फा' कई बार टलने…
मुंबई। लोकतंत्र में असहमति और विरोध के अधिकार को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक…
लखनऊ। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे पूर्व सांसद विनय कटियार ने सीधे तौर पर…
YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म 'Alpha' आखिरकार सिनेमाघरों में आ चुकी है। आलिया…
सोशल मीडिया पर 'व्यूज' और 'लाइक्स' की भूख लोगों से क्या-कुछ नहीं करवा रही है।…