गाजा विवाद पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बैठक के बाद इसे एक ‘ऐतिहासिक अवसर’ करार दिया. बैठक के बाद ट्रंप ने गाजा संकट को लेकर 20-पॉइंट की शांति योजना पेश की. जिसके बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी बातें साझा करते हुए टिप्पणी की. इस पहल पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी और उन्होंने इस योजना का स्वागत किया. पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि योजना के तहत दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचेंगे और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाएंगे.
बेंजामिन नेतन्याहू का रुख
29 सितंबर 2025 व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह योजना इज़राइल की सुरक्षा के लिए अहम है और इसमें सभी इजरायली बंदियों की रिहाई, हमास की सैन्य ताकत को खत्म करना और गाज़ा में हमास का राजनीतिक नियंत्रण खत्म करना शामिल है. नेतन्याहु ने यह भी बताया कि अगर हमास बंदियों को रिहा करता है और गाज़ा छोड़ देता है, तो हमास के नेताओं को सुरक्षा दी जा सकती है, जो पहले की नीति से अलग है. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि अगर हमास इस प्रस्ताव को ठुकराता है या मानने के बाद भी उसका विरोध करता है, तो इज़राइल अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और इसे आसान तरीके से या कठिन तरीके से पूरा किया जाएगा.
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताई उम्मीद
30 सितंबर 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की शांति योजना का स्वागत करते हुए इसे दीर्घकालिक और शांति, सुरक्षा और विकास के लिए एक व्यवहार्य मार्ग बताया. उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी संबंधित पक्ष इस पहल का समर्थन करेंगे और संघर्ष को समाप्त करने के लिए एकजुट होंगे यह प्रतिक्रिया भारत के मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता के प्रति निरंतर समर्थन को दर्शाती है.
क्या हैं गाज़ा के हालात ?
इजराइल लगातार ग़ाजा सिटी में हवाई हमले कर रहा है, जिनमें सैन्य ठिकाने, हथियारों के गोदाम, और कमांड सेंटर शामिल हैं. अस्पतालों और आवासीय इमारतों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे नागरिकों की जान-माल की भारी क्षति हुई है. संघर्ष के कारण ग़ाज़ा में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी हो गई है. खाद्य वस्तुएं, दवाएं, और ईंधन की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे लोगों को भुखमरी और बीमारी का सामना करना पड़ रहा है. इसी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ज़ा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक 20-बिंदु शांति योजना पेश की है. इस योजना में युद्धविराम, बंधकों की रिहाई, और ग़ज़ा में अंतरराष्ट्रीय निगरानी में प्रशासन की स्थापना की बात की गई है.