कोलकाता/मध्यमग्राम। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए अभी 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि राज्य एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आग में झुलस गया है।
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में पेशेवर तरीके से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राज्य की सियासत में भी उबाल ला दिया है।
विदेशी हथियार और सोची-समझी साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कोई सामान्य हमला नहीं बल्कि एक सोची-समझी ‘टारगेट किलिंग’ थी। शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि चंद्रनाथ रथ को मारने के लिए ऑस्ट्रियन ग्लॉक (Austrian Glock) जैसी अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों ने उनके सीने और पेट को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात का खौफनाक मंजर: ऐसे बिछाया गया मौत का जाल
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर घटना का क्रम कुछ इस तरह रहा:
- समय रात 10:10 बजे: चंद्रनाथ अपनी स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे।
- दोहरिया जंक्शन: एक छोटी कार ने अचानक उनकी SUV का रास्ता रोका।
- प्लान्ड अटैक: जैसे ही गाड़ी रुकी, पीछे से आए बाइक सवार शूटरों ने बेहद करीब से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
- फरार हमलावर: हत्या करने के बाद हमलावर अपनी कार वहीं छोड़कर बाइक पर सवार होकर रफूचक्कर हो गए।
नंबर प्लेट का रहस्य और सिलीगुड़ी कनेक्शन
DGP सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल से एक संदिग्ध कार बरामद की गई है, जिस पर सिलीगुड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर है। हालांकि, जांच में पता चला है कि नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। जिस ‘विलियम जोसफ’ के नाम पर यह नंबर दर्ज है, उसने इस मामले में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए हेलमेट पहने हमलावरों की तलाश कर रही है।
सुवेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप: “की गई थी रेकी”
अपने करीबी सहयोगी को खोने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने इसे “दिल दहला देने वाली” घटना करार दिया। उन्होंने कहा:
“हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की थी। यह एक निर्मम हत्या है। हम पुलिस जांच का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यह राज्य में गिरती कानून व्यवस्था का प्रमाण है।”
राजनीतिक घमासान: BJP vs TMC
इस हत्या के बाद बंगाल का सियासी पारा सातवें आसमान पर है:
- भाजपा (BJP): प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसे ‘राजनीति का अपराधीकरण’ बताया है। अस्पताल के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारी हंगामा किया।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC): सत्ताधारी दल ने भी इस घटना की निंदा की है। हालांकि, TMC ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पिछले 3 दिनों में उनके भी 3 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। टीएमसी ने अब इस मामले की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग उठा दी है।
ड्राइवर की हालत नाजुक
इस हमले में चंद्रनाथ के ड्राइवर को भी गोलियां लगी हैं। उन्हें गंभीर हालत में कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
बंगाल में चुनाव बाद हिंसा (Post-Poll Violence) का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। विदेशी हथियारों का इस्तेमाल और पेशेवर तरीके से की गई यह हत्या संकेत दे रही है कि आने वाले दिन बंगाल की राजनीति के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।