नई दिल्ली: आज से ठीक एक साल पहले, 6 और 7 मई की उस दरम्यानी रात ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक ऐसा नाम जिसने न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया, बल्कि पाकिस्तान के उस ‘अहंकार’ को भी तोड़ दिया कि वह अपनी सीमा के भीतर सुरक्षित है। यह ऑपरेशन सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट से भी बड़ा था, क्योंकि पहली बार भारतीय प्रहार की गूंज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर तक सुनाई दी थी।
22 मिनट का ‘तांडव’ और जस्टिस इज सर्व्ड
6 मई की रात, जब पूरी दुनिया सो रही थी, भारतीय जांबाज दुश्मन की मांद में घुसकर शिकार कर रहे थे। ठीक रात 1:44 बजे रक्षा मंत्रालय की एक आधिकारिक रिलीज ने सन्नाटा तोड़ दिया। इसके महज 7 मिनट बाद भारतीय सेना के सोशल मीडिया पर एक संदेश चमका— “Justice is Served” (न्याय हुआ)।
यह सिर्फ एक हमला नहीं था, बल्कि 22 मिनट तक चला वो ‘तांडव’ था जिसने आतंकियों के 9 ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया।
ऑपरेशन सिंदूर की 5 बड़ी बातें जो इसे बनाती हैं ‘ऐतिहासिक’
1. 1971 के बाद पहली बार बहावलपुर पर प्रहार
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक PoK तक थी, 2019 की एयरस्ट्राइक खैबर पख्तूनख्वा तक। लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना ने इंटरनेशनल बॉर्डर से 100 किमी अंदर घुसकर बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को तबाह कर दिया। 1971 के बाद यह पहली बार था जब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के इतने अंदर सटीक कार्रवाई की गई।
2. S-400 का ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ और लॉन्गेस्ट किल
इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने अपनी रक्षा तकनीक का लोहा मनवाया। भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम ने करीब 300 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के टारगेट को हिट किया, जिसे रक्षा विशेषज्ञ अब तक का ‘लॉन्गेस्ट किल’ (Longest Kill) मान रहे हैं।
3. ‘न्यू नॉर्मल’: जीरो टॉलरेंस की नई परिभाषा
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने साफ कर दिया कि अब आतंक सहने का दौर खत्म हो चुका है। सरकार ने इसे ‘न्यू नॉर्मल’ करार दिया। यानी, अब हमला होने पर भारत केवल अपनी सीमा की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर उसे खत्म करेगा।
4. इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और सीक्रेसी
ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया कि 7 मई को सिविल डिफेंस की ‘मॉक ड्रिल’ का झांसा दिया गया। जब तक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIO) कुछ समझ पाते, तब तक भारतीय सेना अपना काम कर चुकी थी। पाकिस्तान ने पत्रकारों को फर्जी कॉल कर सूचनाएं जुटाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा तंत्र ने उसे पूरी तरह विफल कर दिया।
5. ड्रोन वॉरफेयर का खात्मा
पाकिस्तान ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमला करने के लिए 600 से ज्यादा ड्रोन भेजे थे। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी ड्रोन्स को आसमान में ही ढेर कर दिया।
दुश्मन ने चुकाई भारी कीमत: नुकसान का लेखा-जोखा
इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को जो जख्म मिले, उसकी भरपाई नामुमकिन है:
- आतंकी ठिकाने: लश्कर और जैश के 9 प्रमुख बेस तबाह (मुरीदके, बहावलपुर, कोटली समेत अन्य)।
- विमानों का नुकसान: करीब 12-13 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट नष्ट, जिनमें कई F-16 शामिल थे।
- कैजुअलिटी: 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी ढेर और पाकिस्तान के 35-40 सैनिकों को भी नुकसान।
- तैनाती: भारत ने रातों-रात बॉर्डर पर 1000 से ज्यादा गन सिस्टम और 750 मिसाइलें तैनात कर दुश्मन को पंगु बना दिया था।
शांति का संदेश और अमेरिकी मध्यस्थता
10 मई को जब तनाव चरम पर था, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल और भारत-पाकिस्तान के DGMO के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम (Ceasefire) का ऐलान हुआ। भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता से समझौता उसे कतई मंजूर नहीं।आज एक साल बाद, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व और दुश्मन के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।