दिल्ली को ‘नशे की चादर’ में लपेटने की एक बड़ी साजिश को क्राइम ब्रांच ने पूरी तरह डिस्ट्रॉय कर दिया है। न्यू ईयर 2026 के जश्न से ठीक पहले, दिल्ली पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 करोड़ रुपये की हाई-क्वालिटी हेरोइन बरामद की है।
‘ड्रग्स ऑन डिमांड’ का काला खेल
गिरफ्तार किए गए ड्रग पेडलर्स, अंशुल राणा और गंगा प्रसाद (विक्की), दिल्ली-एनसीआर की लग्जरी न्यू ईयर पार्टियों को टारगेट करने की फिराक में थे। पुलिस के मुताबिक, इनका प्लान डिमांड बढ़ते ही ड्रग्स को दोगुने दामों पर सप्लाई करने का था।
बरेली से ‘दिल्ली कनेक्शन’
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा ये हुआ है कि नशे की ये खेप उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगवाई गई थी। गंगा प्रसाद बरेली के लोकल सिंडिकेट से माल उठाकर दिल्ली लाता था। और अंशुल राणा का काम दिल्ली के पॉश इलाकों और रेव पार्टियों के आयोजकों तक ‘होम डिलीवरी’ सुनिश्चित करना था।
स्कूल के पास हुई ‘फिल्म स्टाइल’में हुई गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच को खबर मिली थी कि द्वारका के एक स्कूल के पास बड़ी डील होने वाली है। पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी 2.034 किलोग्राम हेरोइन लेकर पहुंचे, उन्हें चारों तरफ से घेर लिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने आरोपियों को भागने का एक भी मौका नहीं दिया।
क्या-क्या आया पुलिस के हाथ?
2.034 किलोग्राम जिसकी मार्केट वैल्यू लगभग 10 करोड़ रुपए बताए जा रही है| 6 स्मार्टफोन (जिनमें कई बड़े सफेदपोशों और पेडलर्स के नंबर छिपे होने का शक है) और तस्करी में इस्तेमाल किया गया स्कूटर भी बरामद किया गया।
अब बड़े ‘गॉडफादर’ की तलाश
पुलिस अब इन आरोपियों के मोबाइल फोन का डेटा रिकवर कर रही है। शक है कि बरेली में बैठा कोई ‘बड़ा खिलाड़ी’ इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। पकड़े गए दोनों तस्करों पर NDPS एक्ट की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।