Trending News

बिजनौर में ‘फर्जी महिला जज’ का ड्रामा: बोलेनो पर नेमप्लेट लगाकर HDFC बैंक से 35 लाख का लोन लेने पहुंची, सतर्क बैंक कर्मियों ने किया भंडाफोड़!

बिजनौर, 19 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने खुद को रामपुर जिले में तैनात सिविल जज बताकर एचडीएफसी बैंक से 35 लाख रुपये का पर्सनल लोन हासिल करने की कोशिश की. बैंक अधिकारियों की सतर्कता से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया और पुलिस ने आरोपी महिला आयशा परवीन, उसके कथित पेशकार बने वकील अनस और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के साथ-साथ जज की नेमप्लेट लगी बोलेनो कार भी जब्त कर ली है.

घटना का पूरा ब्योरा

घटना बिजनौर के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा की है. लगभग 10 दिन पहले मुजफ्फरनगर की रहने वाली आयशा परवीन ने बैंक में 35 लाख रुपये के पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया. उसने खुद को रामपुर जनपद में न्यायिक अधिकारी (सिविल जज) बताया और दस्तावेजों में ज्वाइनिंग लेटर, आईडी प्रूफ, सैलरी स्लिप और देहरादून के एक्सिस बैंक खाते का स्टेटमेंट जमा किया. स्टेटमेंट में 1.30 लाख रुपये की मासिक सैलरी और 5 लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया था. दस्तावेज बिजनौर के मंडावर थाना क्षेत्र के किशनवास गांव के वकील अनस ने बैंक में जमा कराए थे, जो खुद को आयशा का पेशकार बता रहा था.

लोंन लेने महिला मुजफ्फरनगर रजिस्टर्ड बोलेनो कार से बैंक पहुंची, जिस पर “न्यायाधीश” की नेमप्लेट और पीछे “जज” का स्टीकर लगा था. ड्राइवर रामपुर का रहने वाला टैक्सी चालक था, जिसे आयशा “जज बनकर” बुलाती थी. बैंक पहुंचने पर अधिकारियों ने दस्तावेजों की दोबारा जांच की तो संदेह हुआ. रामपुर पोस्टिंग, देहरादून सैलरी अकाउंट और बिजनौर आवेदन का संयोजन अस्वाभाविक लगा. बैंक मैनेजर अतुल द्विवेदी ने तुरंत देहरादून एक्सिस बैंक से संपर्क कर खाते का वेरिफिकेशन कराया. वहां से खुलासा हुआ कि खाते में केवल 40 हजार रुपये का बैलेंस था, कोई सैलरी क्रेडिट नहीं हुई थी. ज्वाइनिंग लेटर और आईडी भी फर्जी साबित हुए. अधिकारियों ने आयशा को बातों में उलझाए रखा और शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी.

फर्जीवाड़े की साजिश और बैंक की सतर्कता

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आयशा ने जज कॉलोनी के आवास का फायदा उठाकर खुद को असली जज साबित करने की कोशिश की. अनस ने वकील होने का फायदा उठाकर दस्तावेज जमा किए. पुलिस को शक है कि यह कोई बड़ा रैकेट का हिस्सा हो सकता है, क्योंकि फर्जी दस्तावेज काफी प्रोफेशनल तरीके से तैयार किए गए थे. बैंक की तत्परता से करोड़ों का नुकसान टल गया. एसपी सिटी ने कहा, “ऐसे मामलों में बैंकों को दस्तावेजों की गहन जांच करनी चाहिए”

news desk

Recent Posts

1 जुलाई 2026 राशिफल: किस राशि को होगा धनलाभ, किसे रहना होगा सावधान? पढ़ें आज का पूरा भविष्यफल

नई दिल्ली: जुलाई महीने का पहला दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया…

4 hours ago

संसद या ‘सुपर-रिच क्लब’ के मेंबर? ADR की हालिया रिपोर्ट में सामने आई देश के पॉलिसी मेकर्स की रईसी का पूरा सच

भारतीय लोकतंत्र धीरे-धीरे 'धनतंत्र' में तब्दील हो रहा है, यह सवाल एक बार फिर हवा…

12 hours ago

WhatsApp का नया प्राइवेसी मास्टरस्ट्रोक! Username फीचर आने के बाद बदल जाएंगे चैटिंग के नियम

दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सप्प में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को…

12 hours ago

Mumbai Bus Crash: चेंबूर में टला बड़ा हादसा! मासूमों से भरी स्कूल बस पर गिरा भारी-भरकम पेड़; 10 बच्चे घायल, BMC की लापरवाही आई सामने

मुंबई। देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी (BMC) की लापरवाही एक बार फिर मासूम स्कूली…

13 hours ago

‘सबके सामने घिनौनी हरकत करता रहा…’, बिग बॉस फेम दिव्या सुरेश ने वीडियो शेयर कर सुनाई आपबीती, बेंगलुरु पुलिस को किया टैग

बेंगलुरु। आईटी सिटी और देश के सबसे आधुनिक शहरों में शुमार बेंगलुरु एक बार फिर…

14 hours ago