म्यूनिख: Friedrich Merz ने सुरक्षा मुद्दों पर दुनिया को चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि “बड़ी शक्तियों के इस दौर में हमारी आज़ादी अब गारंटीड नहीं है, बल्कि खतरे में है।” उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब पहले जैसी नहीं रही और Europe तथा United States के रिश्तों में गहरी दरार साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी माना कि आज की दुनिया बहुध्रुवीय हो चुकी है और कोई भी देश, यहां तक कि अमेरिका भी, अकेले पूरी दुनिया का नेतृत्व करने की स्थिति में नहीं है। मर्ज ने यूरोपीय देशों से अपनी सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए “बलिदान” देने की अपील की।
यूरोप को खुद मजबूत बनने की जरूरत
मर्ज ने कहा कि अब समय आ गया है कि Germany समेत पूरा यूरोप अपनी रक्षा व्यवस्था को मजबूत करे और बाहरी सुरक्षा के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहने की नीति से बाहर निकले। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ट्रांस-अटलांटिक रिश्ते अभी भी जरूरी हैं और NATO यूरोप और अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद है, इसलिए भरोसा फिर से बनाने की कोशिश होनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Donald Trump द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी और अन्य भू-राजनीतिक विवादों ने तनाव बढ़ा दिया है। सम्मेलन में Emmanuel Macron ने भी यूरोप को एक मजबूत “भू-राजनीतिक शक्ति” बनाने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मर्ज का यह भाषण साफ संकेत है कि यूरोप अब भविष्य की रणनीति में अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय खुद को सैन्य और राजनीतिक रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।