जनवरी 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने एपस्टीन फाइल्स के लाखों नए दस्तावेज जारी किए और इसके बाद सबसे ज्यादा हलचल ब्रिटेन में देखने को मिली। मामला पीटर मंडेलसन के एपस्टीन से कथित गहरे संबंधों को लेकर है, जिन्हें प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 2024 के अंत में अमेरिका का ब्रिटिश एंबेसडर बनाया था। नए खुलासों के बाद यह नियुक्ति ही अब स्टार्मर सरकार के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बन गई है और उनकी निर्णय क्षमता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू भी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इससे पहले उनसे शाही उपाधियाँ छीनी जा चुकी थीं और कई शाही चैरिटी संगठनों से भी उन्हें हटाया जा चुका था। ताज़ा घटनाक्रम में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किंग चार्ल्स तृतीय के निर्देश पर प्रिंस एंड्रयू को आधिकारिक विंडसर आवास खाली करने के लिए कहा गया है। हालांकि प्रिंस एंड्रयू लगातार एपस्टीन से जुड़े आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
इस्तीफों की लहर और सरकार पर दबाव
जैसे-जैसे खुलासे सामने आए, सरकार के अंदर ही दबाव बढ़ता गया। प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने 8 फरवरी 2026 को इस्तीफा दे दिया और कहा कि मंडेलसन की नियुक्ति की सलाह देना उनकी गलती थी। इसके अलावा कम्युनिकेशंस डायरेक्टर टिम एलन ने भी पद छोड़ दिया।
विपक्षी दलों के साथ-साथ लेबर पार्टी के कुछ नेताओं ने भी अब सीधे-सीधे स्टार्मर से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है। हालांकि स्टार्मर का कहना है कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी और उन्होंने पीड़ितों से माफी भी मांगी है।
जांच तेज, जनता में गुस्सा
इस पूरे विवाद ने ब्रिटेन में राजनीति पर जनता का भरोसा और कमजोर कर दिया है। सोशल मीडिया पर शक्तिशाली लोगों के नेटवर्क और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मंडेलसन के खिलाफ “misconduct in public office” के आरोप में जांच शुरू कर दी है और उनके घरों पर सर्च भी की जा चुकी है। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।
यूरोप के अन्य देशों में भी असर साफ दिखाई दिया। स्लोवाकिया, स्वीडन, फ्रांस और नॉर्वे में कई वरिष्ठ राजनयिक और संस्थागत पदों पर बैठे लोगों ने विवादों के बाद इस्तीफे दिए या जांच का सामना किया। कई संस्थाओं ने संबंधित लोगों के नाम हटाए और आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स की 2026 रिलीज ने एक बार फिर दिखा दिया कि शक्तिशाली संपर्कों के खुलासे किस तरह वैश्विक राजनीति और संस्थाओं को हिला सकते हैं, और आने वाले समय में और इस्तीफे या कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।