बर्मिंघम। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है, लेकिन सेमीफाइनल का एक मुकाबला ऐसा होने जा रहा है जो सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दो देशों के बीच दशकों पुराने खून, जंग और आंसुओं का हिसाब है। पूरे 24 साल लंबे इंतजार के बाद विश्व कप के नॉकआउट स्टेज में इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें आमने-सामने हैं।
यह केवल फाइनल का टिकट हासिल करने की लड़ाई नहीं है; यह उस मैदान पर पुराना हिसाब चुकता करने का मौका है, जहां कभी ‘भगवान के हाथ’ ने गोल किया था।
इस फुटबॉल राइवलरी (Football Rivalry) की असली बुनियाद खेल के मैदान पर नहीं, बल्कि जंग के मैदान में रखी गई थी।
जंग से पहले भी दोनों देशों के बीच फुटबॉल के मैदान पर नफरत के बीज बोए जा चुके थे।
युद्ध के ठीक 4 साल बाद 1986 के वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में जब दोनों टीमें भिड़ीं, तो माहौल बारूद जैसा था। इसी मैच में डिएगो माराडोना ने इतिहास के दो सबसे चर्चित गोल दागे:
1998 में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिलना और अर्जेंटीना की जीत, फिर 2002 में इंग्लैंड का पलटवार दोनों देशों के मुकाबले हमेशा विवादों और रोमांच से भरे रहे हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बर्मिंघम के मैदान पर जीत का परचम कौन लहराता है-थैचर का ब्रिटेन या माराडोना का अर्जेंटीना!
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