नई दिल्ली/धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला विवाद मामले में देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संतुलित अंतरिम आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है।
हालांकि, अदालत ने सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम पक्ष को एक बड़ी अंतरिम राहत भी दी है।
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अंतरिम व्यवस्था (Interim Arrangement) बनाई है:
हाईकोर्ट के आदेश पर रोक न लगाते हुए भी सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला के ऐतिहासिक महत्व और सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश हुए देश के वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा:
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिए हैं। अदालत ने कहा कि इस संवेदनशील मामले का जल्द से जल्द निपटारा करने की कोशिश की जाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी, जहां दोनों पक्षों के दावों और हाईकोर्ट के फैसले की वैधानिकता पर और अधिक विस्तार से जिरह की जाएगी।
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