बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी की लव स्टोरी जितनी आइकॉनिक है, उनके घर के अंदर के रिश्ते उतने ही दिल को छू लेने वाले हैं और उनका पारिवारिक जिंदगी हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है. हालिया इंटरव्यूज़ और पुराने किस्सों के ज़रिए, देओल परिवार के निजी जीवन का एक ऐसा पहलू सामने आया है, जिसमें एक स्ट्रिक्ट पंजाबी पिता का अपनी बेटी के सपनों के आगे झुकना शामिल है.
जब ईशा के सपनों के आगे आ खड़े हुए थे धर्मेंद्र!
ईशा देओल ने जब फ़िल्मी दुनिया में कदम रखने और प्रोफेशनल डांसर बनने की इच्छा ज़ाहिर की, तो सबसे बड़ा विरोध उनके खुद उनके पिता, धर्मेंद्र ने किया था! हेमा मालिनी ने एक चैट शो में मज़ाकिया लहजे में खुलासा किया कि धरम जी इस बात के बिल्कुल खिलाफ थे. एक पिता के तौर पर वो बॉलीवुड की भाग-दौड़ और उतार-चढ़ाव से अपनी बेटी को दूर रखना चाहते थे.

हेमा मालिनी ने ये भी बताया की धर्मेंद्र एक ऐसे ‘टिपिकल पंजाबी डैड’ वाली सोच रखते थे, जिनकी डिक्शनरी में बेटी के लिए 18 साल की उम्र के बाद सिर्फ ‘शादी और सैटलमेंट’ जैसे शब्द थे, ‘बॉलीवुड एंट्री’ कभी नहीं था.
ड्रीम गर्ल के डांस ने किया जादू
ये कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई. धर्मेंद्र का दिल किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हेमा मालिनी के कला के प्रति समर्पण ने पिघलाया. हेमा ने बताया कि जब धर्मेंद्र ने उनके नृत्य में वो शालीनता और दर्शकों का अपार प्रेम देखा, तो उनका नज़रिया धीरे-धीरे बदलने लगा. नतीजा ये हुआ कि ‘ही-मैन’ का विरोध प्यार भरे समर्थन में बदल गया. उन्होंने न केवल ईशा बल्कि अहाना को भी डांस सीखने और फ़िल्मी करियर चुनने की आज़ादी दी.
सख्त पापा से बेस्ट फ्रेंड तक का धर्मेन्द्र और ईशा का इमोशनल सफ़र
हेमा ने इंटरव्यू के दौरान बताया की अब धर्मेंद्र और ईशा का रिश्ता एक गहरी दोस्ती का है, लेकिन ईशा मानती हैं कि बचपन में उनके पापा बहुत सख्त थे. हालांकि, फ़िल्म ‘टेल मी ओ खुदा’ में पहली बार पिता के साथ काम करने का पल ईशा के लिए इतना भावुक था कि वो उसे अज भी नही भूल पाई है.
निजी जीवन में भी ‘ही-मैन’ का ग्रांड अंदाज़
धर्मेंद्र ने हमेशा अपने परिवार को लाइमलाइट से दूर एक सुरक्षित और निजी जगह दी. हेमा मालिनी ने बताया कि ईशा और अहाना के जन्म के समय तो धर्मेंद्र ने पूरा अस्पताल ही बुक करवा लिया था, ताकि उनकी पत्नि और बच्चियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.