Entertainment

करियर-बेस्ट रेटिंग के बावजूद दुलकर सलमान की ‘कांथा’ रिलीज़ से पहले कानूनी विवादों में फंसी

साउथ के चार्मिंग स्टार दुलकर सलमान की मोस्ट-अवेटेड पीरियड ड्रामा ‘कांथा’ (Kaantha) आखिरकार 14 नवंबर को रिलीज़ हो गई है. फिल्म को क्रिटिक्स और व्यूअरस से जबरदस्त रेस्पोंसे मिला है, जिसमें दुलकर की परफॉर्मेंस को ‘नेशनल अवॉर्ड लायक’ बताया गया है. लेकिन इस धमाकेदार ओपनिंग से पहले ही ‘कांथा’ कोर्ट-कचहरी के एक बड़े लफड़े में फंसकर हेडलाइंस बन चुकी है.
‘कांथा’ की कहानी हमें 1950 के मद्रास फिल्म इंडस्ट्री के पीछे के परदे तक ले जाती है, जहाँ स्टारडम और अहंकार का ज़बरदस्त टकराव देखने को मिलेगा.

कांथा’ में दुलकर का तूफ़ान और कलाकारों की ज़ोरदार टक्कर
फिल्म में दुलकर सलमान ने ‘नडिप्पु चक्रवर्ती’ टी.के. महादेवन के किरदार में सबको चौका दिया है. क्रिटिक्स का कहना है की खासकर मिरर वाला सीन और क्लाइमेक्स में उनकी जबरदस्त इमोशनल इंटेंसिटी देखने लायक है. दूसरी तरफ, समुथिरकानी ने ‘अय्या’ के रूप में उन्हें कड़ी टक्कर दी है. इन दोनों सुपरस्टार्स के बीच का ईगो-वार ही कहानी का असली मज़ा है.

इन सबके अलावा, डेब्यू एक्ट्रेस भाग्यश्री बोरसे को शानदार सरप्राइज़ पैकेज बताया जा रहा है, और राणा दग्गुबाती अपने पुलिसवाले कैमियो से कहानी में एक मज़ेदार और ज़रूरी ट्विस्ट लेकर आए हैं.
कहानी दो गियर में चलती है— पहले हाफ में ड्रामा और ईगो, और दूसरे हाफ में एक ‘हिचकॉक स्टाइल’ मर्डर मिस्ट्री!

मामला कोर्ट तक क्यों पहुंचा?
फिल्म रिलीज़ से ठीक पहले अचानक बड़े पचड़े में फंस गई. तमिल सिनेमा के पहले सुपरस्टार, एम. के. त्यागराज भागवथर के पोते ने चेन्नई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की. उनका दावा है कि फिल्म उनके दादा को ‘चरित्रहीन’ और ‘गरीबी-अंधेपन’ में मरने वाला बताकर उनकी छवि खराब कर रही है.

इस कानूनी ‘झटके’ पर दुलकर और राणा दग्गुबाती ने तुरंत सफाई दी है. उनका कहना है, ये कहानी पूरी तरह से फिक्शनल है. ये 1950 के दशक के फिल्मी संघर्षों से बस ‘प्रेरित’ है, किसी की बायोपिक नहीं है ये फिल्म.
फिलहाल, कानूनी दांव-पेंच चलते रहे, लेकिन फिल्म दर्शकों के दिल जीतने के लिए सिनेमाघरों में पहुँच चुकी है. अब देखना है कि बॉक्स ऑफिस पर ‘कांथा’ कितनी बड़ी सुपरहिट साबित होती है.

news desk

Recent Posts

चमोली टनल हादसे ने फिर डराया, याद आया सिल्क्यारा का वो खौफनाक मंजर; 41 श्रमिक 17 दिन तक रहे थे सुरंग में कैद

चमोली: विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार को अचानक पानी और मलबा घुसने…

3 hours ago

संसद का मॉनसून सत्र हंगामों में बहा, 80% समय बाधित; राहुल गांधी बोले- मोदी की नींद उड़ा दी, बीजेपी ने बताया विपक्ष की हार

नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र शुक्रवार को भारी हंगामे और विरोध के बीच अनिश्चितकाल…

4 hours ago

चमोली में सुरंग के भीतर अचानक आया पानी-मलबे का सैलाब, 22 मजदूर फंसे; 18 सुरक्षित बाहर, बाकी के लिए रेस्क्यू जारी

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन सुरंग में अचानक भारी मात्रा में…

4 hours ago

AI की दुनिया में Anthropic का Claude लाया ‘इनविजिबल वॉटरमार्क’, कॉपी-पेस्ट करने पर भी नहीं मिटेगा निशान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया लगातार तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही AI…

10 hours ago

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार आपने रेडियो देखा और उसका…

11 hours ago

टाटा मोटर्स को लगा ‘बड़ा झटका’! सेल्स में आई रॉकेट सी तेज़ी, पर मुनाफ़े में 80% की हुई भारी गिरावट

ऑटोमोबाइल सेक्टर के दिग्गज Tata Motors ने हाल ही में अपने वित्तीय नतीजे जारी किए…

11 hours ago