नई दिल्ली | 21 मार्च 2026: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते हुई भारी बारिश के बाद, शुक्रवार को दिल्ली ने पिछले 6 वर्षों में मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया। शनिवार सुबह की शुरुआत भी घने और दुर्लभ कोहरे के साथ हुई, जिसने मार्च के महीने में दिसंबर जैसी ठंड का एहसास करा दिया।
मार्च में कोहरा: सफदरजंग में तापमान 14 डिग्री तक गिरा
शनिवार सुबह 7:20 बजे सफदरजंग वेधशाला में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी (आद्रता) 100% तक पहुँचने के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में विजिबिलिटी काफी कम रही।
आमतौर पर मार्च के अंत तक दिल्ली में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस साल कुदरत का करिश्मा कुछ और ही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान महज 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 9-10 डिग्री कम है। 2020 के बाद यह मार्च का सबसे कम अधिकतम तापमान है।
बारिश ने सुधारी हवा की गुणवत्ता (AQI)
इस बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं का एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता (Air Quality) पिछले पांच महीनों के सबसे बेहतर स्तर पर पहुँच गई है।
क्या फिर होगी बारिश? IMD का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में सर्दी जैसी यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी।
यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है? (Why This Matters)
मार्च के महीने में जहाँ तापमान 38 डिग्री तक पहुँच चुका था, वहां अचानक इस तरह की गिरावट जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की ओर इशारा करती है। संक्रमणकालीन महीनों (Transitional Months) में मौसम का यह चरम व्यवहार न केवल स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि कृषि और परिवहन व्यवस्था के लिए भी चुनौतियां पैदा करता है।
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