अगर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल सेक्टर की बात करें तो क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड लंबे समय से भरोसेमंद नाम रहा है। हाल के तिमाही नतीजों के बाद कंपनी का शेयर फिर चर्चा में है। मुनाफे में हल्की गिरावट जरूर देखने को मिली, लेकिन सेल्स ग्रोथ बनी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ। यही वजह है कि ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस गोल्डमैन सैक्स ने भी इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बनाए रखा है और लॉन्ग-टर्म संभावनाओं को मजबूत बताया है।
मुनाफे में दबाव क्यों दिखा?
तिमाही नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट में करीब 9–10% की गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल, खासकर कॉपर की बढ़ती कीमतें रहीं। कंपनी का बड़ा बिजनेस फैन, पंप और वायरिंग से जुड़ा है, इसलिए कॉपर महंगा होते ही मार्जिन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इस दबाव को संतुलित करने के लिए कंपनी ने कुछ प्रोडक्ट्स की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी भी की है, ताकि लागत बढ़ने का असर कम किया जा सके। अगर आने वाले महीनों में कॉपर की कीमतें स्थिर होती हैं और गर्मियों के मौसम में डिमांड मजबूत रहती है, तो मार्जिन में फिर सुधार देखने को मिल सकता है।
आगे की ग्रोथ कहानी क्या कहती है?
कंपनी अब सिर्फ पारंपरिक फैन और पंप बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती। “Crompton 2.0” स्ट्रैटेजी के तहत वह खुद को एक होम सॉल्यूशंस ब्रांड में बदलने की कोशिश कर रही है। वायर बिजनेस में विस्तार, सोलर सेगमेंट में फोकस और नए कैटेगरी में एंट्री—ये सभी कदम आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा दे सकते हैं। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज फर्म, खासकर गोल्डमैन सैक्स, इसे लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत स्टॉक मान रहे हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो शॉर्ट टर्म में कमोडिटी कीमतों के कारण शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में ब्रांड स्ट्रेंथ, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और नए बिजनेस सेगमेंट की वजह से कंपनी की ग्रोथ संभावनाएं अभी भी सकारात्मक नजर आती हैं। धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए यह शेयर नजर में रखने लायक बना हुआ है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न समझें; किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।