देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार अब तक आठ लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है, वहीं 66 से अधिक लोग बीमार होकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी मरीजों का इलाज जारी है।
प्रशासन की ओर से हालांकि अब तक तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि इंदौर ने भाजपा को सांसद, विधायक, महापौर और मंत्री दिए, बावजूद इसके शहरवासियों को बुनियादी सुविधाओं के नाम पर सुरक्षित पेयजल तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन पानी की सप्लाई और स्वास्थ्य व्यवस्था की जांच में जुटा है, जबकि प्रभावित इलाके में एहतियातन वैकल्पिक जल व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय लोगों की माने तो पांच लोगों ने दम तोड़ दिया है जबकि कई लोग अब भी गंभीररूप से बीमार है। कहा जा रहा है कि अब तक आठ मरीजों की मौत हो चुकी है.लेकिन, देर रात इंदौर महापौर ने अधिकृत रूप से तीन लोगों की मौत की बात कह रहे हैं। हालांकि अब तक इस पूरे मामले में नन्द लाल पाल , तारा बाई , उमा कोरी ,गोमती रावत, सीमा प्रजापति, मंजूलता दिगंबर वाढे, उर्मिला यादव, और संतोष बिचौलिया की मौत की खबर है जबकि ी 66 से ज्यादा लोग इंदौर के अलग अलग अस्पताल में भर्ती है और उनका इलाज चल रहा है।