नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की कॉपियों के वैरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की प्रक्रिया को बेहद हाई-टेक बना दिया है। 7 जून को आवेदन पोर्टल बंद होने के तुरंत बाद बोर्ड ने एक नए और अत्याधुनिक OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) प्लेटफॉर्म पर कॉपियों की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
दावा किया जा रहा है कि यह नया सिस्टम पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी है, जिसे देश के टॉप कूटनीतिक संस्थानों की मदद से तैयार किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई का यह नया कस्टमाइज्ड प्लेटफॉर्म IIT मद्रास और IIT कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार हुआ है।
इस साल अपनी मार्कशीट से असंतुष्ट छात्रों की संख्या काफी बड़ी है:
एक तरफ जहां बोर्ड नई तकनीक की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर छात्र परेशान हैं। सोशल मीडिया (X और इंस्टाग्राम) पर कई छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां समय पर नहीं मिल सकीं। कॉपियां मिलने में हुई इस देरी के कारण कई छात्र तय समय सीमा (7 जून) के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने से चूक गए। हालांकि, सीबीएसई (CBSE) ने इस गड़बड़ी पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
आमतौर पर सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के नतीजे आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के 3 से 4 हफ्ते बाद घोषित करता है। चूंकि यह विंडो 7 जून को बंद हो चुकी है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि कक्षा 12वीं का रिवाइज्ड और फाइनल रिजल्ट जुलाई 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है। छात्र आधिकारिक अपडेट के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
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