राज्य

CBSE 12th Re-evaluation: IIT की खास तकनीक से जांची जा रही हैं कॉपियां, जानें कब आएगा रिवाइज्ड रिजल्ट; छात्रों ने उठाए कुछ सवाल

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की कॉपियों के वैरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की प्रक्रिया को बेहद हाई-टेक बना दिया है। 7 जून को आवेदन पोर्टल बंद होने के तुरंत बाद बोर्ड ने एक नए और अत्याधुनिक OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) प्लेटफॉर्म पर कॉपियों की दोबारा जांच शुरू कर दी है।

दावा किया जा रहा है कि यह नया सिस्टम पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी है, जिसे देश के टॉप कूटनीतिक संस्थानों की मदद से तैयार किया गया है।

IIT मद्रास और कानपुर का ‘कवच’: बेहद सुरक्षित है नया पोर्टल

सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई का यह नया कस्टमाइज्ड प्लेटफॉर्म IIT मद्रास और IIT कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार हुआ है।

  • साइबर टेस्ट पास: लाइव करने से पहले इस सिस्टम की सुरक्षा जांच के लिए विशेष साइबर और पेनेट्रेशन टेस्ट किए गए थे, जिसमें यह पूरी तरह खरा उतरा है।
  • फुलप्रूफ निष्पक्षता: इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जांच करने वाले नए शिक्षक (इवैल्यूएटर्स) को छात्र को पहले मिले हुए मार्क्स दिखाई नहीं देंगे। उन्हें सिर्फ वही उत्तर स्क्रीन पर दिखेगा जिसपर छात्र ने आपत्ति जताई है। कई मामलों में तो एक ही उत्तर को एक से ज्यादा एक्सपर्ट्स से चेक कराया जा रहा है ताकि गलती की गुंजाइश शून्य हो जाए।

बंपर आवेदन: 1.60 लाख छात्रों ने खटखटाया री-इवैल्यूएशन का दरवाजा

इस साल अपनी मार्कशीट से असंतुष्ट छात्रों की संख्या काफी बड़ी है:

  • 2 जून से 7 जून के बीच 1.60 लाख से अधिक छात्रों ने वैरिफिकेशन के लिए अप्लाई किया है।
  • छात्रों की तरफ से कुल 3.8 लाख से अधिक आंसर-की (उत्तरों) को दोबारा जांचने की मांग की गई है।
  • इससे पहले मई के महीने में ही 4 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने अपनी ओरिजिनल उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मांगी थी।

सिक्का का दूसरा पहलू: लेट स्कैन कॉपियों से सोशल मीडिया पर फूटा छात्रों का गुस्सा

एक तरफ जहां बोर्ड नई तकनीक की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर छात्र परेशान हैं। सोशल मीडिया (X और इंस्टाग्राम) पर कई छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां समय पर नहीं मिल सकीं। कॉपियां मिलने में हुई इस देरी के कारण कई छात्र तय समय सीमा (7 जून) के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने से चूक गए। हालांकि, सीबीएसई (CBSE) ने इस गड़बड़ी पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

कब आएगा रिवाइज्ड रिजल्ट? (Expected Date)

आमतौर पर सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के नतीजे आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के 3 से 4 हफ्ते बाद घोषित करता है। चूंकि यह विंडो 7 जून को बंद हो चुकी है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि कक्षा 12वीं का रिवाइज्ड और फाइनल रिजल्ट जुलाई 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है। छात्र आधिकारिक अपडेट के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

news desk

Recent Posts

ज्वालामुखी फटने से पहले समंदर में सुनाई देती है ‘गड़गड़ाहट’! वैज्ञानिकों ने खोजा सुनामी का नया संकेत

नई दिल्ली: इंडोनेशिया में बीते शनिवार अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ, जिसके बाद राख…

2 hours ago

कुछ मर्द जेब में हमेशा कंघी क्यों रखते हैं? बाल संवारने से जुड़ी इस आदत के पीछे क्या है वजह?

नई दिल्ली: एक समय था जब घड़ी, रुमाल और छोटी कंघी कई पुरुषों की रोजमर्रा…

2 hours ago

8 सितंबर 2026 पंचांग: मंगलवार को भौम प्रदोष का संयोग, अजा एकादशी पारण से लेकर राहुकाल तक जानें आज के शुभ-अशुभ समय

नई दिल्ली: 8 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि और मंगलवार का…

2 hours ago

8 सितंबर 2026 राशिफल: किस राशि के लिए खुलेगा तरक्की और धनलाभ का रास्ता? जानें मेष से मीन तक आज का भविष्यफल

मेष राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। व्यावसायिक गतिविधियों में सफलता मिलेगी और…

2 hours ago