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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन की नई रणनीति, रामलीला मैदान में मॉक संसद का प्रस्ताव

  • राहुल गांधी ने सैद्धांतिक सहमति दी
  • मुख्य चुनाव आयुक्त को प्रतीकात्मक रूप से हटाने पर होगी चर्चा
  • SIR और कथित वोट चोरी को लेकर विपक्ष का विरोध जारी

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन अब विरोध की नई रणनीति पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘मॉक पार्लियामेंट’ यानी प्रतीकात्मक संसद आयोजित की जाए और इसके जरिए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जाए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। हालांकि, अभी INDIA गठबंधन के सभी घटक दलों की इस पर सहमति नहीं बनी है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और मतदाताओं के अधिकारों पर असर पड़ा है। वहीं, ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी जारी हैं।

रामलीला मैदान में मॉक संसद की तैयारी क्यों?

INDIA गठबंधन के नेताओं के बीच हुई चर्चा में रामलीला मैदान में मॉक संसद आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत प्रतीकात्मक संसदीय प्रक्रिया के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग रखी जा सकती है। प्रस्ताव का उद्देश्य चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को सार्वजनिक मंच पर उठाना है।

इस प्रस्ताव पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और वामपंथी दलों के नेताओं के बीच चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी ने सैद्धांतिक सहमति देते हुए सुझाव दिया कि जिस राज्य में INDIA गठबंधन का जो दल मजबूत है, वह वहां इस मुद्दे पर नेतृत्व करे और सहयोगी दल उसका समर्थन करें।

हालांकि, मॉक संसद के आयोजन की तारीख और अंतिम कार्यक्रम को लेकर अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

राहुल गांधी की रणनीति: राज्यों में विपक्ष को एकजुट करने पर जोर

राहुल गांधी का सुझाव है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय राज्यों में भी उठाया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन के मजबूत दलों को आगे आने और अन्य सहयोगियों को साथ लेकर चलने की बात कही गई है।

विपक्ष की रणनीति का एक अहम हिस्सा SIR के मुद्दे को भी लगातार उठाना है। INDIA गठबंधन के कई दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी पहले भी कथित वोट चोरी के आरोप लगाते हुए चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर चुके हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि रामलीला मैदान में प्रस्तावित मॉक संसद एक प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम होगा। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त को वास्तविक रूप से पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अपने आप पूरी नहीं होगी।

राहुल गांधी की टी पार्टी में बनी विरोध की रणनीति

इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित अपने सुनहरी बाग आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के सदस्यों के साथ चाय पर मुलाकात की। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और आगे के विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि INDIA गठबंधन के दल एक साझा उद्देश्य के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया कमजोर हुई है। उनके मुताबिक, विपक्ष लोकतांत्रिक शासन और संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए मिलकर संघर्ष करेगा।

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस फैसले को चुनौती देगा। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड जैसे स्थान निर्धारित किए हैं।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर आखिरी दम तक लड़ाई जारी रखेगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।

ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें किसी न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

फिलहाल, INDIA गठबंधन के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर सभी सहयोगी दलों के बीच सहमति बनाना और दूसरी, विरोध को राज्यों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना। यदि मॉक संसद के प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो रामलीला मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम चुनाव आयोग की भूमिका और SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव का अगला बड़ा घटनाक्रम बन सकता है।

news desk

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