अयोध्या, 27 मार्च 2026: भगवान राम की नगरी अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक फैसले पर जोरदार विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने शिवेंद्र सिंह को अयोध्या महानगर का महानगर महामंत्री नियुक्त किया है, जिन पर 18 गंभीर आपराधिक मामले (FIR) दर्ज होने के आरोप लग रहे हैं। इस नियुक्ति से पार्टी के अंदर ही असंतोष और सवाल उठने लगे हैं।
शिवेंद्र सिंह पर हत्या के प्रयास, दंगा, आपराधिक षड्यंत्र, जबरन वसूली और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें अयोध्या के “टॉप 10 अपराधियों” में शामिल बताया गया है। हालांकि, शिवेंद्र सिंह इन आरोपों से इनकार करते हुए कह चुके हैं कि ज्यादातर मामले राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा लगाए गए थे, खासकर छात्र राजनीति और चुनाव के दौरान। उन्होंने दावा किया कि केवल 4-5 मामले ही थे और उनमें से ज्यादातर में वे बरी हो चुके हैं या मामले बंद हो गए हैं।
विवाद की आग में घी डाल रहा है शिवेंद्र सिंह का 2018 का वो वीडियो, जो उस समय वायरल हो गया था। फैजाबाद (अब अयोध्या) जेल में बंद रहते हुए उन्होंने जेलर को 1 लाख रुपये देकर अपना जन्मदिन मनाया था। वीडियो में शिवेंद्र सिंह को जेल की बैरक में केक काटते हुए साफ देखा जा सकता है। उन्होंने खुद मीडिया को बताया था कि जेलर विनय कुमार दुबे को 1 लाख रुपये दिए गए थे, जिसके बदले में केक, कैंडल, चाकू और लाइटर जैसा पूरा सामान उपलब्ध कराया गया।
DM और SSP के छापे से ठीक 5 मिनट पहले जेल परिसर से सारा सामान हटा दिया गया था। इस घटना पर उस समय काफी हंगामा मचा था और जेल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठे थे। शिवेंद्र सिंह ने हाल ही में भी इस वीडियो को स्वीकार करते हुए कहा कि यह छात्र संघ चुनाव से जुड़े एक मामले में जेल जाने के दौरान हुआ था।
BJP के कुछ वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस नियुक्ति पर नाराजगी जताई है। पार्टी के अंदर ही चर्चा है कि मर्यादा की नगरी में ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद देने से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में इसे “माफिया को पार्टी में जगह देने” का आरोप लगाया गया है।
दूसरी ओर, शिवेंद्र सिंह के समर्थक उन्हें “कर्मठ कार्यकर्ता” और “युवा नेता” बताते हुए बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे ब्लॉक प्रमुख संघ के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन को मजबूत करने में उनका योगदान रहा है।
शिवेंद्र सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ फैली अफवाहें राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर मामले पुराने हैं और उनमें वे निर्दोष साबित हो चुके हैं। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई और कहा कि वे अयोध्या में भाजपा को और मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।
अभी तक BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठनात्मक नियुक्तियां आंतरिक प्रक्रिया के तहत की जाती हैं और सभी पहलुओं पर विचार किया जाता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अयोध्या राम मंदिर के बाद वैश्विक स्तर पर चर्चा में है और भाजपा यहां अपनी छवि को “सुशासन” और “माफिया मुक्त” के रूप में पेश करती रही है।
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