छठ पूजा के तुरंत बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार से अपनी चुनावी मुहिम की जोरदार शुरुआत की. मुजफ्फरपुर में आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव के साथ साझा रैली में राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों पर सीधा वार किया.
राहुल ने कहा कि जब दिल्ली में श्रद्धालु यमुना के प्रदूषित पानी में डुबकी लगा रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी “खास बनाए गए तालाब” में स्नान कर रहे थे. उन्होंने कहा, “अगर आप नरेंद्र मोदी से कहेंगे कि वोट के बदले मंच पर नाचो, तो वो नाचेंगे भी. उन्हें सिर्फ वोट चाहिए, ना कि आपकी भावनाओं से कोई मतलब.”
‘नीतीश का चेहरा पर रिमोट बीजेपी के हाथ में’
राहुल गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीस साल से सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने पिछड़े और गरीब वर्गों के लिए कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि “नीतीश जी का चेहरा बस दिखाने के लिए है, रिमोट कंट्रोल बीजेपी के हाथ में है. सामाजिक न्याय से उनका कोई लेना-देना नहीं.”
राहुल ने बीजेपी पर “वोट चोरी” का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी कि बिहार में भी ऐसी कोशिशें की जा सकती हैं. उन्होंने कहा, “उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव चोरी किए. अब वे बिहार में भी वही कर सकते हैं.”
‘हर वर्ग की आवाज़ सुनेंगे’ — राहुल का वादा
राहुल ने मतदाता सूची से 66 लाख नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया और जनता से महागठबंधन का साथ देने की अपील की. उन्होंने कहा, “हम ऐसा बिहार बनाएंगे जहां हर वर्ग, हर धर्म और हर जाति की आवाज़ सुनी जाएगी।. हम किसी को पीछे नहीं छोड़ेंगे.”
उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी को छोटे उद्योगों के लिए “विनाशकारी” बताया और कहा कि मोबाइल, शर्ट, पैंट — सब कुछ “Made in Bihar” होना चाहिए ताकि युवाओं को रोज़गार मिले.
उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्जीवन के पुराने वादे को दोहराते हुए बिहार को “ग्लोबल लर्निंग सेंटर” बनाने का संकल्प जताया.
बता दें कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी.