पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार थम चुका है, लेकिन सियासी पारा कम होने का नाम नहीं ले रहा. महागठबंधन की ओर से लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं जो साफ इशारा करते हैं कि बीजेपी के भीतर अब बेचैनी बढ़ने लगी है. तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के ताजा हमलों ने माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है.
‘अमित शाह अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं’ — तेजस्वी यादव का आरोप
महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव ने फेसबुक लाइव में सीधे गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी अब घबराहट में आ चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं और मुख्यमंत्री आवास से भी कई कॉल जा रहे हैं ताकि महागठबंधन के मजबूत बूथों को डिस्टर्ब किया जा सके. तेजस्वी ने कहा, “बिहार की जनता अब पूरी तरह सजग है. जो भी गड़बड़ी करेगा, उसे जनता मुंहतोड़ जवाब देगी.” उनके चेहरे पर थकान जरूर दिखी, लेकिन लहजे में आत्मविश्वास और तंज दोनों झलक रहे थे.
‘पहले राउंड ने बीजेपी की हवा टाइट कर दी है’ — मुकेश सहनी का व्यंग्य
वहीं VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में हल्के-फुल्के अंदाज में बीजेपी पर तीखा वार किया. उन्होंने लिखा, “पहले राउंड की वोटिंग ने बीजेपी की हवा टाइट कर दी है, अब बस ख्याली पुलाव पकाए जा रहे हैं.” सहनी ने दोहराया कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाना उनका वादा है और बीजेपी को पटखनी देना उनका मिशन. उन्होंने जोड़ा, “14 नवंबर के बाद जीत का जश्न होगा और उस माछ-भात भोज में VIP की प्लेट भी खास होगी.”
राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा है कि क्या वाकई बीजेपी को अपनी ‘जीत की ताज’ खिसकती महसूस हो रही है? महागठबंधन के नेताओं के आत्मविश्वासी तेवर और जनता के बीच बढ़ती हलचल देखकर ऐसा लगता है कि इस बार बिहार का चुनाव नतीजा बीजेपी के लिए वैसा आसान नहीं होगा जैसा उसने सोचा था.