अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर जारी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को हुई अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब चढ़ावे से जुड़े कथित गबन मामले की जांच लगातार चर्चा में बनी हुई है।
22 जुलाई को होगी अगली अहम बैठक
ट्रस्ट ने घोषणा की है कि अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि उस बैठक में ट्रस्ट की आगे की कार्ययोजना और प्रशासनिक दिशा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। फिलहाल चढ़ावा विवाद की जांच के बीच कृष्ण मोहन की अंतरिम महासचिव के रूप में नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं कृष्ण मोहन?
73 वर्षीय कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े हैं और पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघ चालक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा वह भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी भी रह चुके हैं। ट्रस्ट में उन्हें कामेश्वर चौपाल के स्थान पर जिम्मेदारी दी गई है, जिनका इस वर्ष की शुरुआत में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
दलित समाज से आते हैं, विज्ञान और प्रशासन दोनों में रहा अनुभव
कृष्ण मोहन अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1978 में भारतीय वन सेवा में महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी के रूप में शामिल हुए। सरकारी सेवा में आने से पहले उन्होंने कुछ वर्षों तक परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक के रूप में भी कार्य किया था।
वन सेवा में लंबा अनुभव, कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं
भारतीय वन सेवा के दौरान कृष्ण मोहन ने महाराष्ट्र वन विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। लंबे प्रशासनिक अनुभव के बाद वर्ष 2012 में वह अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवा काल में उन्होंने वन प्रशासन और प्रबंधन से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
संघ में भी निभाई कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं
प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने नगर संघ चालक, जिला संघ चालक और अवध प्रांत के प्रांत संघ चालक समेत कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्तमान में वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघ चालक हैं।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में भी निभाई थी विशेष भूमिका
जनवरी 2024 में राम मंदिर के प्रथम प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान कृष्ण मोहन अपनी पत्नी के साथ यजमान दंपतियों में शामिल रहे थे। अब ट्रस्ट ने उन्हें अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपकर संगठन के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों में से एक की कमान दी है।
नई जिम्मेदारी पर क्या बोले कृष्ण मोहन?
नई जिम्मेदारी मिलने पर कृष्ण मोहन ने कहा कि उन्हें ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय से ट्रस्टी के रूप में नामित किए जाने की जानकारी मिली थी। उनके अनुसार यह निर्णय उनके लिए अप्रत्याशित था और वह इसे भगवान श्रीराम की इच्छा मानते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अपनी नई जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे।
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