पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। यह घटना उस वक्त हुई जब पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए लेकर गई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हथियार छीनकर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी।
एनकाउंटर कैसे हुआ?
बरुईपुर के एसपी के अनुसार, 8 जुलाई की रात करीब 12:45 बजे पुलिस टीम केस नंबर 1350/26 के तहत आरोपी को लेकर सूर्यापुर स्थित घटनास्थल पर पहुंची थी।
यहां क्राइम सीन दोबारा तैयार किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही आरोपी ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और एक राउंड फायर कर दिया। इसके बाद आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें प्रभास मंडल घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
डिजिटल सबूतों से खुली साजिश की परतें
इस सनसनीखेज मामले की जांच कर रही एसआईटी को अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जो संकेत देते हैं कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन 4 जुलाई को शाम 4:30 बजे से रात 11 बजे तक एक ही स्थान पर दर्ज की गई, जो कथित अपराध के समय से मेल खाती है।
क्या है पूरा मामला?
दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 4 जुलाई की शाम 6 बजे 12 साल की बच्ची लापता हो गई थी। अगले दिन 5 जुलाई को उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया था कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
बढ़ सकते हैं सवाल और जांच का दायरा
आरोपी की एनकाउंटर में मौत के बाद अब इस पूरे मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे और जांच की संभावना बनी हुई है।