बरेली में शुक्रवार को मौलाना तौकीर रजा के नेतृत्व में निकले पैदल मार्च के दौरान हालात बेकाबू हो गए. पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो लोग भड़क उठे और जमकर पथराव करने लगे. इस घटना में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी और कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को काबू में करने की कोशिश की.
बरेली उपद्रव के मामले में अब तक पाँच थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें किला, कैंट और बारादरी थाने शामिल हैं. पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक आठ उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं. इसके अलावा 39 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.
मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ दर्ज हुई आठ में से सात एफआईआर में उनका नाम शामिल है. पुलिस ने हिंसा प्रभावित इलाके से हथियार भी बरामद किए हैं, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने आरोपियों की पहचान और नेटवर्क खंगालना शुरू कर दिया है.
सीएम योगी का बयान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी हाल में दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपद्रवियों को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ ऐसी मिसाल पेश की जाएगी कि आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखेंगी. सीएम का साफ कहना था कि उत्तर प्रदेश में दंगा करना भूल जाओगे.
सीएम योगी ने ये भी कहा कि कुछ लोग सिस्टम को ठप्प करना चाहते हैं. यूपी में यह समस्या 2017 से पहले भी थी. योगी ने कहा की हम कह सकते हैं कि 2017 के बाद हमने कर्फ्यू लगाने की छूट नहीं दी, लेकिन ऐसे लोगों को चपेट में लेने के लिए भाषा का इस्तेमाल किया गया जिसे वो समझते हैं और उसी भाषा में उन्हें सजा भी दी गई. योगी ने कहा उत्तर प्रदेश की विकास कहानी यहीं से शुरू होती है.
क्या थी पुरे मुद्दे की वजह ?
दरसल आई लव मोहम्मद के पोस्टर को ले कर बरेली के आईएमएम प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने 21 सितंबर को एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कानपुर के अपने समुदाय के युवाओं पर झूठे आरोप लगाने की बात कही. उन्होंने 26 सितंबर को प्रदर्शन करने का भी एलान किया था. हालांकि गुरुवार रात को प्रशासन ने इजाजत न देने का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन को रद्द कर दिया. लेकिन शुक्रवार सुबह मौलाना ने फिर से एक वीडियो संदेश जारी किया और लोगों से इस्लामिया मैदान में जमा होने की अपील की. वीडियो वायरल होते ही नमाज़ के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे. इसी बीच कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.