बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर लक्षित हमलों का सिलसिला जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शरीयतपुर जिले में 31 दिसंबर 2025 को 50 वर्षीय हिंदू व्यक्ति खोकोन दास पर एक उग्र भीड़ ने जानलेवा हमला किया। वे अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, जब हमलावरों ने उन्हें घेर लिया, धारदार हथियारों से वार किया, बुरी तरह पीटा और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस बर्बर हमले में खोकोन दास गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके चेहरे तथा दाहिने हाथ पर गंभीर जलने के निशान हैं। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और पहले शरीयतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया है।
यह घटना बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया हमलों की श्रृंखला में नवीनतम है। रिपोर्ट्स में इसे हाल के 15 दिनों में हिंदू समुदाय पर चौथा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले दिसंबर में अन्य घटनाओं में हिंदू व्यक्तियों को निशाना बनाया गया, जिसमें ईशनिंदा के झूठे आरोपों पर भीड़ द्वारा हिंसा शामिल है। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं, के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है।
भारत सरकार ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे इन हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है और स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं देश में अस्थिरता और कट्टरपंथी ताकतों के उभार को दर्शाती हैं।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन ओइक्य परिषद जैसे संगठनों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और समान अधिकारों पर सवाल उठाती है। जांच जारी है और उम्मीद है कि दोषियों को शीघ्र सजा मिलेगी।