Trending News

Badrinath Donation Scam: बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में पहली बड़ी गिरफ्तारी, BKTC का निलंबित कर्मी प्रमोद नौटियाल अरेस्ट

Highlights

  • बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी।
  • बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को आवास से दबोचा।
  • सोशल मीडिया पर काउंटिंग के दौरान अनियमितताओं का वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया था मामला।
  • उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय कमेटी और पुलिस की संयुक्त जांच तेज।

चमोली/देहरादून। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध चारधामों में से एक बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी के आरोपों को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। चमोली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य आरोपी और श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपी को बद्रीनाथ ले जाकर गहन पूछताछ कर रही है।

रविवार देर रात पुलिस ने आवास पर मारा छापा

चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने रविवार रात प्रमोद नौटियाल के आवास पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया।

कौन है प्रमोद नौटियाल: प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी (BKTC) के अध्यक्ष के पर्सनल असिस्टेंट (PA) के रूप में कार्य कर चुके हैं। मंदिर में दान प्रबंधन में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मंगलवार देर रात उनके खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।

प्रारंभिक जांच में सच साबित हुए आरोप, मंदिर समिति ने किया था सस्पेंड

यह पूरा घोटाला तब सामने आया जब बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान की गिनती (Counting) के दौरान कथित हेराफेरी के दावे सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकेटीसी की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने अपनी शुरुआती पड़ताल में पाया कि दान के प्रबंधन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और आरोप पहली नजर में पूरी तरह सही प्रतीत होते हैं। इसके तुरंत बाद नौटियाल को सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

सरकार ने बनाई 3 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी

बद्रीनाथ मंदिर की पवित्रता और जनभावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर उत्तराखंड सरकार भी पूरी तरह एक्शन मोड में है। राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह ही इस घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

  • कमेटी के अध्यक्ष: गढ़वाल मंडल आयुक्त को इस जांच की कमान सौंपी गई है।
  • कार्य: यह समिति पूरे दान प्रबंधन तंत्र की कमियों को खंगालेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट तथा सख्त सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रमोद नौटियाल से पूछताछ के बाद इस रैकेट में शामिल कुछ अन्य बड़े चेहरों का भी पर्दाफाश हो सकता है।

news desk

Recent Posts

3 घंटे का ब्लॉकबस्टर ड्रामा और सिनर की ऐतिहासिक जीत! ज्वेरेव को हराकर दूसरी बार विंबलडन ट्रॉफी पर किया कब्जा

लंदन के आइकॉनिक सेंटर कोर्ट पर टेनिस हिस्ट्री का एक और गोल्डन चैप्टर लिखा गया।…

2 hours ago