उत्तर प्रदेश की राजनीति में जो नाम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में थी वो नाम अब जेल से बाहर आ चुकी है. हम बात कर रहे हैं पूर्व मंत्री आजम खान की. जो मंगलवार को सीतापुर जेल से बाहर आए. जेल से बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनका इस्कबाल करने के लिए खड़े थे. हालांकि कुछ कागजी प्रक्रिया पूरी करने देरी हुई. लेकिन आजम खान करीब 2 साल बाद जेल से बाहर आ ही गए. घर लौटते समय आज़म ने अपने बयान में कहा, “मुझे अदालत पर भरोसा था और रहेगा. सच की जीत होगी।”
क्या था मामला?
साल 2008 में एक सड़क चेकिंग विवाद के दौरान पुलिस से हुई झड़प को लेकर आज़म ख़ान और उनके बेटे पर मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में उन्हें दो साल की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन अब कोर्ट ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया है.
रिहाई से पहले ही शुरू हो गई थी राजनीति
पिछले कुछ दिनों से आजम खान को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी चर्चाएं चल रही थी. कुछ लोगों का कहना था कि आजम खान समाजवादी पार्टी से नाराज हैं और वो जेल से बाहर आने के बाद सपा छोड़ सकते हैं. हालांकि, आजम खान की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा,- “आज हम सबके लिए बहुत खुशी का दिन है कि आजम साहब जेल से बाहर आ गए हैं.” उन्होंने कहा कि “समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही आजम खान के सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे. आजम खान पर दर्ज किए गए सारे मुकदमे वापस लेंगे.”
लेकिन इसी मामले में बीएसपी के विधायक उमाशंकर सिंह ने जब कहा कि आजम खान का बसपा में स्वागत हैं, तो चर्चा और तेज हो गई. चूंकि आजम खान पहले भी समाजवादी पार्टी छोड़ चुके थे लेकिन बाद में उन्होने वापसी कर ली थी. फिलहाल आजम खान जेल से बाहर आ चुके हैं और उम्मीद है कि वो जल्द से जल्द अपने बारे में लगाई जा रही अटकलों को दूर करेंगे.