आज भारतीय शेयर बाजार में NIFTY AUTO इंडेक्स 2.1% से ज्यादा चढ़ गया, और ये सिर्फ एक दिन की तेजी नहीं मानी जा रही। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे ऑटो सेक्टर में हो रहे बड़े और लंबे बदलाव काम कर रहे हैं।
इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर रहा Maruti Suzuki India, जिसके शेयर करीब 5% उछले। दिलचस्प बात ये रही कि कंपनी का तिमाही मुनाफा 6.5% घटा, फिर भी निवेशकों ने इसे नजरअंदाज किया। वजह साफ है—कंपनी ने डीलर इन्वेंट्री को काफी कम किया है और आगे के लिए 10% वॉल्यूम ग्रोथ का बड़ा टारगेट सेट किया है, जो इंडस्ट्री एवरेज से काफी ज्यादा है।
छोटी कारों की वापसी और GST का असर
कुछ समय पहले तक ऑटो सेक्टर में ऐसा ट्रेंड था जहां महंगी SUVs तो बिक रही थीं, लेकिन छोटी कारों की डिमांड कमजोर

थी। अब सरकार द्वारा छोटी कारों और टू-व्हीलर्स पर GST घटाकर 18% करने के फैसले ने गेम बदल दिया है। इससे कार खरीदना थोड़ा सस्ता हुआ है और मिडिल क्लास खरीदार फिर से मार्केट में लौट रहे हैं।
SUV और प्रीमियम सेगमेंट का जलवा जारी
वहीं दूसरी तरफ, SUV का क्रेज अभी भी टॉप पर है। आज के समय में पैसेंजर व्हीकल मार्केट में SUVs की हिस्सेदारी करीब

67% तक पहुंच गई है। Tata Motors और Mahindra & Mahindra जैसे प्लेयर्स इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं। अब ये कंपनियां सिर्फ गाड़ियां नहीं, बल्कि ‘लाइफस्टाइल और टेक’ ब्रांड बनती जा रही हैं।
आगे का रिस्क: तेल और ग्लोबल टेंशन
हालांकि सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। एक्सपर्ट्स की नजर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी है। अगर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर गाड़ियों की लागत और ग्राहकों की जेब दोनों पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, ऑटो सेक्टर में ये तेजी कोई अचानक आई उछाल नहीं है, बल्कि एक “स्ट्रक्चर्ड रैली” है। अब सेक्टर इन्वेंट्री-ड्रिवन फेज से निकलकर डिमांड और पॉलिसी सपोर्ट वाले फेज में आ चुका है। आगे भले ही वॉल्यूम ग्रोथ थोड़ी स्लो रहे, लेकिन SUV और EV की बढ़ती हिस्सेदारी से कंपनियों का मुनाफा मजबूत रहने की उम्मीद है।