नई दिल्ली/गुवाहाटी: असम भाजपा के आधिकारिक एक्स हैंडल (@BJP4Assam) से पोस्ट किए गए एक विवादित वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय, की लक्षित ‘पॉइंट-ब्लैंक’ हत्या को महिमामंडित करने वाला बताया है और कहा है कि यह सीधे-सीधे सामूहिक हिंसा और नरसंहार की अपील जैसा है। विवाद बढ़ने के बाद वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि इसे सामान्य ट्रोल कंटेंट कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल @INCIndia ने रविवार को पोस्ट कर कहा कि किसी आधिकारिक पार्टी हैंडल से इस तरह की सामग्री साझा होना बेहद गंभीर मामला है और न्यायपालिका को इसमें हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी इसे “नरसंहार की अपील” बताते हुए तीखी आलोचना की, जबकि पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि सिर्फ वीडियो हटाना काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को एआई-जनरेटेड दृश्य में राइफल से मुस्लिम पुरुषों पर फायरिंग करते दिखाया गया था और साथ में “Point Blank Shot” जैसे भड़काऊ शब्द भी लिखे थे। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस वीडियो को लेकर व्यापक विरोध देखने को मिला।
इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष, AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और कार्रवाई की मांग उठाई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसे बेहद गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति बताया गया है।
फिलहाल भाजपा की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 असम विधानसभा चुनावों से पहले इस विवाद ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है और सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।